logo

मूड

ट्रेंडिंग:

सहारनपुर के DM ऑफिस में बनी मस्जिद पर चला था बुलडोजर, उसी के नीचे निकला कुआं

सहारनपुर में जिस मस्जिद पर शनिवार को बुलडोजर चला अब उसी के नीचे एक कुआं मिला है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि अब इसकी जांच करवाई जाएगी। 

well under saharanpur demolished mosque

मस्जिद के नीचे निकला कुआं, Photo Credit: ANI

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में शनिवार का दिन तनाव भरा रहा। जिलाधिकारी के दफ्तर में बनी एक मस्जिद को अवैध करार दिए जाने के बाद उस पर बुलडोजर चला दिया गया। इसको लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने भी विरोध जताया। अब पता चला है कि जहां पर मस्जिद थी, उसी के नीचे एक कुआं मिला है। मस्जिद का मलबा हटाने के बाद मिले इस कुएं के बारे में स्थानीय प्रशासन का कहना है कि सकी जांच कराई जाएगी कि यह कितना गहरा है।

 

पहले सिटी मैजिस्ट्रेट कोर्ट और फिर जिला अदालत ने इस मस्जिद को अवैध ठहराया था और इसे गिराने के आदेश दिए थे। इसी आदेश पर शनिवार सुबह से ध्वस्तीकरण अभियान चला और दोपहर तक पूरी मस्जिद गिरा दी गई। प्रशासन ने वहां मौजूद मलबे को उठाकर कई किलोमीटर दूर फेंक दिया है। अब पूरा इलाका साफ हो गया है और कलेक्ट्रेट के अंदर निकले कुएं को लोहे की चादरों से ढका गया है।

 

यह भी पढ़ें: सहारनपुर के DM ऑफिस में बनी मस्जिद पर क्यों चल गया बुलडोजर? समझिए पूरा मामला

 

सामने आई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि अब पूरा परिसर साफ हो गया है और बीच में एक कुएं जैसी जगह दिख रही है। इसकी चौड़ाई तो कम है लेकिन गहराई लगभग 20 फीट बताई जा रही है। यह कुआं ईंटों से बना हुआ है।

क्या बोले अधिकारी?

इस कुएं के बारे में SDM सदर सुबोध कुमार ने कहा है, 'माननीय न्यायालय के आदेश के क्रम में बेदखली की कार्रवाई की गई और एक कुआं प्राप्त हुआ है। अब संबंधित एजेंसियां इसकी जांच करेंगी और पता लगाया जाएगा कि यह कितना पुराना है। लगभग 20 फीट गहरा कुआं लग रहा है लेकिन अभी मलबा है। अभी तकनीकी टीम आएगी तो विस्तार से इसकी जानकारी मिल पाएगी। यह पुरानी और छोटी ईंटों से बना हुआ कुआ हैं।'

 

यह भी पढ़ें: 'मशीन बनाने का बजट नहीं था तो खुद से की सफाई', बिट्टू तबाही ने बताई एक-एक बात

उन्होंने आगे कहा, 'जब बेदखली की कार्रवाई चल रही थी तभी इस कुएं का पता चला। प्रथम दृष्टया तो यह कुआं ही लग रहा है लेकिन अभी जांच होना बाकी है।' बता दें कि शनिवार को इसी ध्वस्तीकरण के लिए सांसद इकरा हसन को प्रशासन ने नजरबंद कर दिया गया था। इस कार्रवाई पर विपक्षी दलों ने जोरदार आवाज उठाई है और इस तरह की कार्रवाई का विरोध किया है। विपक्ष का कहना है कि निचली अदालत के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने का समय भी हीं दिया गया।

डेलिगेशन भेजेगी समाजवादी पार्टी

समाजवादी पार्टी ने कहा है कि 119 साल पुरानी इस मस्जिद को गिरा दिया गया जबकि प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि मस्जिद सील की जाएगी और उसे गिराया नहीं जाएगा। अब सपा ने कुल 22 सदस्यों का एक डेलिगेशन बनाया है जो 7 सितंबर यानी सोमवार को सहारनपुर जाएगा। इस डेलिगेशन में सांसद इकरा हसन के अलावा, सांसद हरेंद्र मलिक, विधायक आशु मलिक, विधायक उमर अली, विधायक अतुल प्रधान, विधायक रामजीतार सैनी, शायान मसूद, उत्तर प्रदेश विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव समेत कुल 22 नेताओं को शामिल किया गया है।  

Related Topic:#UP News

और पढ़ें