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'मशीन बनाने का बजट नहीं था तो खुद से की सफाई', बिट्टू तबाई ने बताई एक-एक बात

अजनार नदी साफ करने वाले बिट्टू तबाही उर्फ सुरेंद्र सिंह ने सफाई के दौरान मिली चुनौतियों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि नदी में सांप का डर भी था, इसके बावजूद उन्होंने सफाई का काम जारी रखा।

Surendra Singh

सुरेंद्र सिंह, Photo Credit- ANI

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मध्य प्रदेश की अजनार नदी साफ करने वाले बिट्टू तबाही उर्फ सुरेंद्र सिंह सुर्खियों में हैं। उन्होंने बताया कि नदी की साफ-सफाई के दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। सुरेंद्र ने बताया कि नदी में उन्हें कई जहरीले सांपों का सामना करना पड़ा। नदी गंदी थी, जिस वजह से उनके शरीर में इंफेक्शन हो गया। इन चुनौतियों के बावजूद सुरेंद्र नदी की सफाई करते रहे। इसके अलावा सुरेंद्र ने बताया कि जब वह नदी की सफाई कर रहे थे, तब उनके परिवार को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। वह हर दिन क्रिकेट खेलने के बहाने घर से निकलते थे और नदी की सफाई करते थे।

 

सुरेंद्र ने हाल ही में एनआई को इंटरव्यू दिया था, जहां उन्होंने नदी साफ करने की वजह समेत सफाई से जुड़ी समस्याओं को लेकर बात की थी। इसके साथ ही सुरेंद्र ने बताया कि उन्होंने जहां एक तरफ सफाई के दौरान कई चुनौतियों का सामना किया, वहीं दूसरी तरफ नदी की सफाई के बाद कई लोगों ने उन्हें सम्मानित किया। इसी सराहनीय काम को देखने के बाद प्रीति जिंटा ने उन्हें IPL स्टेडियम में बुलाया था।

 

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सुरेंद्र ने क्यों की सफाई?

बिट्टू तबाही उर्फ सुरेंद्र सिंह ने बताया कि आखिर किस वजह से उन्होंने अजनार नदी को साफ किया। इसी को लेकर पत्रकारों से कहा, 'हमारे ब्यावरा की अजनार नदी है, जो शहर के बीचों-बीच निकलती है। उसी को मैं साफ कर रहा था। नदी के पास मंदिर है, जहां हम फैमिली और दोस्तों के साथ जाते थे तो हम देखते थे कि मंदिर के पीछे बदबू आ रही है। नदी में बहुत गंदगी होती थी तो ऐसे ही बहुत पहले ख्याल आया था। पहले हमने सोचा था कि एक ऐसी मशीन बनाते हैं, मशीन से नदी से कूड़ा-करकट और कचरा हटा सकें लेकिन इतना बजट नहीं था कि मशीन बना सकें। जब 26 जनवरी आई तो सोचा कि अच्छा दिन भी है, चलो कुछ अच्छा काम करते हैं। तभी से रोज यह काम करते थे।'

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जब पत्रकार ने पूछा कि इस अभियान में बाकी लोगों ने सुरेंद्र का साथ दिया या नहीं। इसके जवाब में सुरेंद्र ने कहा कि शुरुआत में साफ-सफाई का काम उन्होंने जरूर किया था। इसके बाद कई लोगों ने उनके साथ मिलकर सफाई की थी।

सुरेंद्र को मिला सम्मान

इंटरव्यू के दौरान सुरेंद्र ने पत्रकारों से बताया कि नदी साफ करने के लिए उन्हें सम्मान मिला। सुरेंद्र ने बताया कि उन्हें कलेक्टर ने सम्मानित किया। उसके बाद 15 अगस्त को सम्मान के लिए बुलाया गया, जहां उन्हें सम्मान दिया गया। इसके साथ ही सुरेंद्र ने बताया कि वह चाहते हैं कि प्रदेश का प्रशासन नदी को साफ करके सुंदर बनाए।

 

इसके साथ ही सुरेंद्र ने कहा, 'जब मैंने अपना पहला वाला घाट साफ किया था, तब आनंद महिंद्रा ने मेरे लिए कहा था कि मैं उनके लिए मंडे मोटिवेशन हूं। इसके अलावा प्रीति जिंटा ने IPL में मुझे मैच देखने के लिए बुलाया था, जहां उन्होंने आने-जाने का खर्च उठाया।'

 

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साफ करते वक्त आई चुनौतियां

जब पत्रकार ने सुरेंद्र से सवाल किया कि नदी साफ करते वक्त आपको किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा? आपने उस दौरान क्या संघर्ष किया? इसके जवाब में सुरेंद्र ने कहा, 'नदी में मुझे सांप मिले। मेरे पैर के पास कई बार सांप आ गए। उनसे भी बचकर भागा हूं। इसके साथ ही मेरे शरीर में इंफेक्शन हो गया, जिससे पूरे शरीर में खुजली होती थी। बहुत सारे लोग मजाक उड़ाते थे कि मैं यह नदी कभी साफ नहीं कर पाऊंगा। इस काम को करने में बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।' इसके अलावा सुरेंद्र ने बताया कि वह नदी साफ करते थे, जिसकी जानकारी उनके परिवार को नहीं थी। वह क्रिकेट खेलने का बहाना बनाकर नदी साफ करने जाते थे।

 


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