बिहार में गंगा समेत अन्य नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा पटना के गांधी घाट पर खतरे के निशान से 1.65 मीटर ऊपर बह रही है। हालात को देखते हुए सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री
सम्राट चौधरी
ने गंगा के बढ़ते जलस्तर तथा संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्थलीय निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने कल प्रभावित क्षेत्रों के हवाई सर्वेक्षण और उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का ऐलान किया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया है कि SDRF और NDRF को अलर्ट मोड पर रखा जाए। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल, चिकित्सा सुविधा, पेयजल, खाद्य सामग्री तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
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खुद किया गंगा घाटों का निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने 3 सितंबर को पटना के गंगा घाटों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से जलस्तर की वर्तमान स्थिति, तटबंधों की सुरक्षा तथा संभावित प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे एहतियाती प्रबंधों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने गांधी घाट, कृष्णा घाट और कलेक्ट्रेट घाट पर पानी की स्थिति देखी। अधिकारियों ने बताया कि पानी लगातार बढ़ रहा है। दियारा इलाके में कई गांवों में पानी घुस गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी रखी जाए। जहां कटाव हो रहा है, वहां तुरंत मरम्मत की जाए। रात में भी पेट्रोलिंग हो।
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SDRF-NDRF को अलर्ट मोड पर रहने का आदेश
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि SDRF और NDRF की टीमों को अलर्ट मोड पर रखें तथा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी रखें ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल, चिकित्सा सुविधा, पेयजल, खाद्य सामग्री तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही आमजनों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और जान-माल की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। प्रशासन स्थिति पर लगातार पैनी नजर बनाए रखे और स्थानीय स्तर पर लोगों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को पहले ही सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट कर दिया जाए। पशुओं के लिए चारा और ऊंची जगह की व्यवस्था भी की जाए।
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गांधी घाट पर जलस्तर 50.25 मीटर
जल संसाधन विभाग के अनुसार, गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। 01 सितंबर 2026 को गांधी घाट पर जलस्तर सुबह 6 बजे 49.40 मीटर, शाम 6 बजे 49.50 मीटर दर्ज किया गया था। 02 सितंबर को सुबह 6 बजे 49.71 मीटर और शाम 6 बजे 49.98 मीटर हो गया। वहीं 03 सितंबर को सुबह 6 बजे 50.18 मीटर तथा दोपहर 12 बजे 50.25 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.65 मीटर अधिक है।
यानी पिछले 48 घंटे में ही गंगा का जलस्तर 85 सेंटीमीटर बढ़ गया है। खतरे का निशान 48.60 मीटर है, जबकि अब पानी 50.25 मीटर पर बह रहा है। विभाग का कहना है कि उत्तराखंड और यूपी में हुई बारिश के कारण पानी और बढ़ सकता है। अगले 24 घंटे अहम हैं। पटना के अलावा भागलपुर, बक्सर, आरा, मुंगेर और कटिहार में भी गंगा खतरे के निशान से ऊपर है। कोसी, गंडक और घाघरा का जलस्तर भी बढ़ रहा है। कई जिलों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है।