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बिहार में अब 'रिफॉर्म से परफॉर्म' पर जोर, बच्चों की होगी ब्रेन मैपिंग

बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कटिहार में बताया कि शिक्षा के मामले में बिहार में सुधार हुआ है। इसके साथ ही बताया कि शिक्षा के विकास के लिए ब्रेन मैपिंग पर विचार किया जा रहा है।

Mithilesh tiwari

मिथिलेश तिवारी, Photo Credit- Social Media

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बिहार का शिक्षा विभाग अब रिफॉर्म से परफॉर्म की ओर बढ़ रहा है। कटिहार में शिक्षा विभाग की अहम बैठक के बाद शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ सुधार नहीं, बल्कि प्रदर्शन पर फोकस होगा। बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ उनकी रुचि के अनुसार शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए पहली बार बच्चों की ब्रेन मैपिंग पर विचार किया जा रहा है। इससे बच्चों की प्रतिभा को सही मंच मिलेगा और बेहतर बिहार के निर्माण में मदद मिलेगी।

 

जिला पदाधिकारी की मौजूदगी में हुई बैठक में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने को लेकर कई जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस सिर्फ स्कूलों की संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि बच्चों को बेहतर और उनकी जरूरत के मुताबिक शिक्षा देने पर है। बैठक में डीएम, डीईओ, डीपीओ और सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मौजूद थे। मंत्री ने एक-एक कर सभी से रिपोर्ट ली और कई निर्देश दिए।

 

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पहली बार होगी बच्चों की ब्रेन मैपिंग

शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार में पहली बार बच्चों की ब्रेन मैपिंग पर विचार किया जा रहा है। इसका मकसद बच्चों की रुचि और क्षमता को समझकर उसी के अनुसार उनकी पढ़ाई और भविष्य की दिशा तय करना है। कई बच्चे पढ़ाई में कमजोर होते हैं, लेकिन खेल, संगीत, कला या टेक्नोलॉजी में तेज होते हैं। ऐसे बच्चों को उसी क्षेत्र में आगे बढ़ाया जाएगा। ब्रेन मैपिंग से पता चलेगा कि बच्चे का दिमाग किस विषय में ज्यादा तेज है।

 

उन्होंने बताया कि इसके लिए एक्सपर्ट की टीम बनाई जाएगी और पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कुछ जिलों में इसे शुरू किया जाएगा। अगर यह सफल रहा तो पूरे बिहार में इसे लागू किया जाएगा। मंत्री के मुताबिक इससे बच्चों की प्रतिभा को सही मंच मिलेगा और बेहतर बिहार के निर्माण में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब शिक्षा का मतलब सिर्फ पास होना नहीं है, बल्कि बच्चे को उसके हुनर के अनुसार तैयार करना है, ताकि वह भविष्य में रोजगार के लिए तैयार हो सके।

 

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मंत्री ने कहा कि बिहार के सरकारी स्कूलों में अब पहले से काफी सुधार हुआ है। स्कूलों में बेंच-डेस्क, लैब, लाइब्रेरी और स्मार्ट क्लास की व्यवस्था की जा रही है। शिक्षकों की कमी को भी दूर किया जा रहा है। बीपीएससी से लाखों शिक्षकों की बहाली हुई है। अब जरूरत है कि शिक्षक भी पूरी ईमानदारी से बच्चों को पढ़ाएं और रिजल्ट दें। रिफॉर्म का दौर पूरा हो चुका है, अब परफॉर्म करने का समय है।

नेपाल में बाढ़ से सीमांचल के स्कूल डूबे

 नेपाल में बाढ़ के बाद मिथिलेश तिवारी ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर जल्द पटना में बैठक होगी। बैठक में बाढ़ प्रभावित स्कूलों और आवागमन की समस्या को लेकर जरूरी निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कटिहार, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और सुपौल में कई स्कूल बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। कई स्कूलों तक जाने वाली सड़कें भी टूट गई हैं। बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है।

 

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मिथिलेश तिवारी ने कहा कि इसको लेकर आपदा प्रबंधन विभाग और शिक्षा विभाग की संयुक्त बैठक होगी। जहां स्कूलों में पानी है, वहां पढ़ाई वैकल्पिक व्यवस्था से कराई जाएगी। ऊंचे स्थानों पर अस्थायी क्लास चलाई जाएगी। बाढ़ का पानी उतरने के बाद स्कूलों की मरम्मत कराई जाएगी। किताबें और ड्रेस खराब हुई हैं तो उन्हें दोबारा दिया जाएगा। कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित नहीं रहेगा।

 

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कटिहार के भवनहीन विद्यालयों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसे स्कूलों की समस्या का जल्द समाधान करने की दिशा में काम किया जाएगा। कटिहार में अभी भी कई स्कूल ऐसे हैं जो किराए के मकान में या दूसरे स्कूल के भवन में चल रहे हैं। कई स्कूलों में अपना भवन नहीं है। इससे पढ़ाई में दिक्कत होती है। मंत्री ने डीएम से कहा कि भवनहीन स्कूलों की लिस्ट बनाकर भेजें। सरकार सभी भवनहीन स्कूलों के लिए नया भवन बनाएगी। इसके लिए जमीन चिन्हित करने का काम शुरू कर दिया गया है।

सरकार का फोकस क्वालिटी एजुकेशन 

मंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस सिर्फ स्कूलों की संख्या बढ़ाने पर नहीं बल्कि बच्चों को बेहतर और उनकी जरूरत के मुताबिक शिक्षा देने पर है। क्वालिटी एजुकेशन ही सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे समय पर स्कूल आएं और बच्चों को मन लगाकर पढ़ाएं। जो शिक्षक अच्छा रिजल्ट देंगे, उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा और जो लापरवाही करेंगे, उन पर कार्रवाई भी होगी।

 

उन्होंने कहा कि बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए कई नए प्रयोग किए जा रहे हैं। स्कूलों में खेल, संगीत, योग और कंप्यूटर की क्लास भी शुरू की जाएगी। बच्चों को किताब के साथ-साथ प्रैक्टिकल नॉलेज भी दिया जाएगा। हर महीने बच्चों का टेस्ट होगा और कमजोर बच्चों के लिए अलग से क्लास चलेगी। बैठक के बाद मिथिलेश तिवारी ने कटिहार के कुछ स्कूलों का औचक निरीक्षण भी किया। उन्होंने बच्चों से बात की और उनसे सवाल-जवाब भी किए। बच्चों ने जब सही जवाब दिया तो मंत्री ने उन्हें शाबाशी दी। उन्होंने कहा कि बिहार के बच्चे बहुत प्रतिभाशाली हैं, बस उन्हें सही दिशा देने की जरूरत है। 


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