हिमाचल प्रदेश के कसोल-मणिकरण घाटी में रेव पार्टियों और पर्यटन गतिविधियों की आड़ में मादक पदार्थों के कथित कारोबार पर अब प्रशासन ने शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। घाटी को नशामुक्त और सुरक्षित पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत पुलिस और प्रशासन के साथ स्थानीय पंचायतों, होटल-होमस्टे संचालकों, महिला मंडलों, युवा मंडलों और अन्य सामुदायिक संगठनों को भी नशे के खिलाफ सूचना तंत्र का हिस्सा बनाया जाएगा।
रेव पार्टियों पर प्रशासन की नजर
कसोल स्थित वन विश्राम गृह में शनिवार को उपायुक्त एवं सह-अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कुल्लू की अध्यक्षता में नशा निवारण समिति की मैराथन बैठक हुई। बैठक में पुलिस अधीक्षक कुल्लू सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय हितधारकों ने हिस्सा लिया। बैठक में मणिकरण-कसोल घाटी में मादक और मन: प्रभावी पदार्थों के अवैध सेवन, बिक्री, तस्करी और वितरण की रोकथाम पर विस्तार से चर्चा की गई।
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विशेष रूप से अवैध और अनधिकृत म्यूजिक पार्टियों तथा अन्य आयोजनों को लेकर प्रशासन ने गंभीर चिंता जताई। ऐसे आयोजनों में मादक पदार्थों के इस्तेमाल और उनकी उपलब्धता को रोकने के लिए आयोजकों पर वैधानिक नियमों के तहत कार्रवाई और निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
अनुमति के बिना आयोजन किए तो होगी सख्ती
बैठक में स्पष्ट किया गया कि किसी भी म्यूजिक पार्टी या अन्य कार्यक्रम के आयोजन के लिए आवश्यक अनुमति और वैधानिक स्वीकृतियां लेना जरूरी होगा। ध्वनि प्रदूषण, कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े नियमों का भी सख्ती से पालन करना होगा। प्रशासन ने ध्वनि नियंत्रण और साउंड रेगुलेशन को लेकर भी संबंधित विभागों और आयोजनकर्ताओं को नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
स्थानीय लोग बताएंगे संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी
नशे के खिलाफ प्रशासन की नई रणनीति में स्थानीय लोगों की भूमिका को अहम बनाया गया है। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों, महिला मंडलों, युवा मंडलों, होटल व्यवसायियों और अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों से क्षेत्र में नशे से जुड़ी गतिविधियों, अवैध पार्टियों, संदिग्ध लोगों और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के बारे में जानकारी और सुझाव लिए गए।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की कि यदि उन्हें मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री या वितरण से संबंधित कोई जानकारी मिलती है तो वे तत्काल पुलिस या संबंधित विभाग को इसकी सूचना दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखने का भी भरोसा दिलाया गया।
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होटल-होमस्टे संचालकों की भी बढ़ेगी जिम्मेदारी
घाटी में बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने के कारण होटल और होमस्टे संचालकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी गई है। बैठक में संचालकों और प्रतिनिधियों को सी-फॉर्म भरने की अनिवार्यता सहित अन्य निर्धारित नियमों की जानकारी दी गई। प्रशासन ने सभी संबंधित प्रतिष्ठानों से नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
प्रवासी श्रमिकों का भी होगा सत्यापन
बैठक में घाटी में आने वाले प्रवासी श्रमिकों, विशेषकर नेपाली मूल के श्रमिकों से संबंधित रिकॉर्ड को लेकर भी चर्चा हुई। प्रशासन ने उनके क्षेत्र में आने का उद्देश्य, नियोजक और निवास संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध रखने तथा लागू नियमों के अनुसार सत्यापन और अभिलेख संधारण सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
100 एकड़ अवैध भांग की खेती नष्ट
नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस और वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। वन विभाग के अनुसार पुलिस और वन विभाग के संयुक्त प्रयासों से घाटी में करीब 100 एकड़ क्षेत्र में की गई अवैध भांग/कैनाबिस की खेती को नष्ट किया जा चुका है।
अधिकारियों ने बताया कि अवैध कैनाबिस खेती के खिलाफ अभियान को 15 सितंबर तक और अधिक प्रभावी तरीके से जारी रखा जाएगा। इस दौरान अधिक से अधिक अवैध खेती को नष्ट करने का लक्ष्य रखा गया है।