दिल्ली-एनसीआर में खुले मौत के गड्ढे मासूमों की जान ले रहे हैं। ताजा घटना ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाना इलाके के दलेलगढ़ गांव में हुई, जहां महाशिवरात्रि पर खुशियां मातम में बदल गईं। एक मंदिर के पास गहरे पानी से भरे गड्ढे में 3 साल के बच्चे की डूबकर दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना उसी ग्रेटर नोएडा में हुई, जहां ठीक एक महीने पहले ऐसे ही असुरक्षित गड्ढे की वजह से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत हो गई थी।
घटना के समय, दलेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के मौके पर सामूहिक भोज हो रहा था। गांव की एक महिला अपने बच्चों के साथ मंदिर आई थी। एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ADCP) सुधीर कुमार ने बताया कि जब परिवार पूजा और भोज में बिजी था, तो बच्चा अपनी बहन के साथ खेलते हुए मंदिर के पीछे सरकारी जमीन पर बने एक गहरे गड्ढे में गिर गया।
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ग्रामीणों ने गड्ढे से निकाला
जब काफी देर तक बच्चा नहीं दिखाई दिया, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। मंदिर परिसर और आसपास ढूंढने के बाद जब लोग गड्ढे की तरफ गए, तो वहां बच्चे का शरीर पानी में मिला। ग्रामीणों ने उसे तुरंत बाहर निकाला और अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद गांव में भारी गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह गड्ढा लंबे समय से पानी से भरा हुआ था और इसके खतरनाक होने की शिकायत कई बार-बार प्रशासन से की गई थी। हालांकि, अधिकारियों ने इसे न तो भरवाया और न ही इसके चारों तरफ बैरिकेडिंग करवाई। प्रशासन की इसी लापरवाही से एक बच्चे की जान चली गई।
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ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का आया बयान
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के जीएम एके सिंह ने कहा, 'मीडिया में दलेलगढ़ गांव के एक बच्चे के तालाब में डूबकर मौत की खबर सामने आई, जिसके बाद अथॉरिटी ने मामले का संज्ञान लिया। जांच के लिए अथॉरिटी के एक सीनियर मैनेजर को मौके पर भेजा गया। वहां पता चला कि तालाब गंगा राम और धर्मवीर का निजी तालाब है और वह इसे अपने इस्तेमाल के लिए रखते हैं। इसलिए अथॉरिटी उनके खिलाफ सीधे कोई कार्रवाई नहीं कर सकती। इस दुखद घटना से हमें बहुत अफसोस है। हम लोगों से अपील करते हैं कि ऐसी जगहों के आसपास सतर्क रहें।'
युवराज की भी गड्ढे में गिरकर हुई थी मौत
17 जनवरी को ग्रेटर नोएडा में ही 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार कोहरे के कारण एक असुरक्षित गड्ढे में गिर गई थी, जिससे उनकी जान चली गई। 9 फरवरी को दिल्ली के रोहिणी में 32 वर्षीय बिरजू राय एक खुले मैनहोल में गिर गए और उनकी मौत हो गई।