logo

मूड

ट्रेंडिंग:

सांप ने डसा तो भाई ने मारे 150 थप्पड़, जान बची या नहीं?

हरदोई में एक युवक को जहरीले सांप ने काट लिया। इसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर भाइयों ने उसे सोने नहीं दिया। इसके लिए उन्होंने उसे 3 घंटे में 150 से ज्यादा थप्पड़ मारे।

Representative Image

प्रतीकात्मक तस्वीर, AI Generated Image

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक अनोखी और हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां अरवल थाना क्षेत्र के टिकार गांव में एक युवक को जहरीले सांप ने डस लिया। अस्पताल पहुंचने पर जब उसकी हालत बिगड़ने लगी तो डॉक्टर ने परिवार वालों को बोला कि इसे किसी भी कीमत पर सोने नहीं देना, वरना इसकी मौत हो जाएगी। इसके बाद उसकी जान बचाने के लिए भाइयों ने करीब 150 थप्पड़ मारे। बताया जा रहा है कि लगभग 3 घंटे तक भाइयों ने उसे 150 से भी ज्यादा थप्पड़ मारे और सोने नहीं दिया।

 

दूसरी ओर, डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने के लिए एक या दो नहीं बल्कि कई एंटी-वेनम इंजेक्शन लगाए गए। इसके बाद आखिरकार युवक की जान बचाई जा सकी।

 

यह भी पढ़ें: 'उनको भी टुकड़ों में काटा जाए', मुस्कान और साहिल के लिए बोलीं सौरभ राजपूत की मां

कैसे हुआ हादसा? 

टिकार गांव के रहने वाले अभय गांव में ही अपनी किराना दुकान चलाते हैं। मंगलवार यानी 29 सितंबर रात करीब 8 बजे जब तक वह दुकान बंद कर घर जाने की तैयारी में काउंटर के नीचे झाडू लगा रहे थे तभी उन्हें एक जहरीले सांप ने हाथ में काट लिया। काटने के बाद सांप तुरंत नाली में भाग गया। घबराए अभय ने तुरंत फोन करके परिजनों को इसकी जानकारी दी और वहीं बेहोश होने लगे। 

 

सूचना मिलते ही पिता और दोनों छोटे भाई, रमन और अनिरुद्ध मौके पर पहुंचे। अभय को सामुदायिक हेल्थ सेंटर हरपालपुर लेकर गए। वहां डॉक्टरों ने कई एंटी-वेनम इंजेक्शन दिए लेकिन इसके बावजूद अभय का शरीर बेसुध होने लगा। हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। साथ ही भाइयों को हिदायत दी कि रास्ते में मरीज को झपकी भी न आने दें। 

कई एंटी-वेनम का डोज 

अस्पताल ले जाते समय दोनों भाई रमन और अनिरुद्ध अपने भाई अभय को जगाए रखने के लिए लगातार उसके चेहरे पर थप्पड़ मारते रहे। मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर शाबान अहमद की टीम ने केस संभाला और अभय को कुछ और एंटी-वेनम इंजेक्शन दिए। आम तौर पर सांप के काटने वाले मामलों में मरीज को कुछ एंटी-वेनम दिए जाते हैं लेकिन सांप की प्रजाति का पता न होने और जहर के गहरे असर के कारण अभय को कई इंजेक्पशन देने पड़े। करीब 3 घंटे की कड़ी निगरानी और इलाज के बाद अभय को होश आ गया। फिलहाल 12 घंटे से अधिक समय के इलाज के बाद वह खतरे से बाहर हैं। 

 

यह भी पढ़ें: CM हिमंत बिस्व सरमा के काफिले के लिए रोक दी थी एंबुलेंस, 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड

'कोयलिया गडार' (करैत) सांप 

अगर स्नैक रेस्क्यू स्पेशलिस्ट की मानें तो, मरीज के लक्षणों को देखकर लगता है कि उसे करैत या 'कोयलिया गडार' सांप ने काटा है। यह सांप गहरे काले रंग का होता है जिस पर सफेद पट्टियां होती हैं। इसका जहर न्यूरोटॉक्सिक होता है जो सीधा नर्वस सिस्टम और दिमाग पर असर करता है। इसके काटने पर पेट दर्द, पलकें भारी होना और बेहोशी जैसे लक्षण आते हैं। ऐसे मामलों में मरीज को पैरालिसिस और मौत से बचाने के लिए डॉक्टर के हिसाब से एंटी-वेनम  के डोज दिए जाते हैं।

Related Topic:#Uttar Pradesh

और पढ़ें