समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री
अखिलेश यादव
ने 1 जुलाई को अपना 53वां जन्मदिन मनाया। इस मौके पर उन्हें हर तरफ से जन्मदिन की शुभकामनाएं मिलीं। वहीं, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओपी राजभर ने भी उन्हें बधाई दी लेकिन साथ ही तंज भी कस दिया। राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव बड़े घर के बेटे हैं, उन्हें गिफ्ट में क्या दिया जाए। उन्होंने तोहफे की जगह अखिलेश को कई सलाहें दे डालीं। अब ओपी राजभर के इस बयान पर अखिलेश यादव ने भी जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि अगर ओपी राजभर उन्हें कोई गिफ्ट देंगे तो वह भी उन्हें रिटर्न गिफ्ट जरूर देंगे।
दरअसल मीडिया से बातजीत के दौरान एक पत्रकार ने अखिलेश यादव से पूछा कि ओपी राजभर जी बडा कन्फ्यूजन मे है कि आपको क्या गिफ्ट दे इसलिए एक सलाह दे रहे कि AC और PC से बाहर निकलिए। इस पर उन्होंने कहा, 'देखिए वह बहुत पर्सनल लेवल पर चीजे करते है जानबूझ कर के कि आप हर्ट किस से होंगे।' फिर पत्रकार ने कहा कि गिफ्ट देने की बात कर रहे ओपी राजभर। तब अखिलेश यादव ने कहा, 'अरे कुछ गिफ्ट भेजे तो हम भी उनको रिटर्न गिफ्ट भेज दें।' उन्होंने आगे कहा कि खिए भाजपा कितनी होशियार पार्टी है कि उनकी बार्गेनिंग पावर जीरो कर दी है।
यह भी पढ़ें: समस्तीपुर: यूरिया की आड़ में शराब तस्करी नाकाम, 28 हजार से ज्यादा बोतलें बरामद
ओपी राजभर ने कसा था तंज
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ओपी राजभर ने लिखा कि बहुत सोचा कि आपको उपहार में क्या दूं, आप ठहरे बड़े घर के बेटे, पिताजी पूर्व सीएम और रक्षामंत्री रहे, आप खुद पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं, आलिशान बंगलों में जीवन गुजरा है। हम भला क्या दे सकते हैं आपको। मगर उम्र और अनुभव में बड़ा होने के नाते एक बेशकीमती सलाह हम आपको दे सकते हैं। इस सलाह को ही जन्मदिन पर मेरी तरफ से उपहार मानिएगा।
यह भी पढ़ें: 'पुलिस देख रही, BJP के गुंडे अंडे फेंक रहें', वीडियो शेयर कर बोलीं महुआ मोइत्रा
उन्होंने आगे सलाह देते हुए लिखा कि आप अपनी आलसी और आरामतलबी वाली जिंदगी से जितना जल्दी हो सके बाहर निकलिए। AC और PC वाली राजनीति का जितना जल्दी हो सके त्याग करेंगे उतना आपके लिए अच्छा रहेगा। आलस से बाहर निकलकर गांव-देहात की पगडंडियां भी नापिए। गैर-यादव पिछड़ों, गरीबों, दलितों, वंचितों और समाज के हर वर्ग के बीच जाकर, उनके सुख-दुख में शामिल होइए। नये उत्तर प्रदेश को देखिए और समझने का प्रयास कीजिए।
आखिर में ओपी राजभर ने लिखा कि अखिलेश बाबू, जमीन से जुड़ने का कोई शॉर्टकट नहीं होता, उसके लिए मेड़ पर गोड़ रगड़ना ही पड़ता है। हम ही से सीख लीजिए, 48 डिग्री में भी गांव-गांव घूमता हूं।