बिहार के डेयरी सेक्टर में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। देश की अग्रणी डेयरी ब्रांड अमूल ने राज्य में लगभग 200 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा कर बिहार के औद्योगिक और कृषि आधारित विकास को नई दिशा देने की तैयारी कर ली है। पटना जिले के औद्योगिक क्षेत्र फतुहा में बनने वाली यह अत्याधुनिक डेयरी प्रोसेसिंग यूनिट न केवल दूध उत्पादन और प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाएगी, बल्कि हजारों दूध उत्पादक किसानों के लिए नए अवसरों के दरवाजे भी खोलेगी।
कैरा डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड (अमूल डेयरी) को बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार की परियोजना समाशोधन समिति (PCC) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए मंजूरी दे दी है। उद्योग विभाग के सचिव सह बियाडा एवं आएडा के प्रबंध निदेशक कुंदन कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
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13 एकड़ जमीन पर बनेगी यह यूनिट
फतुहा औद्योगिक क्षेत्र में 13 एकड़ भूमि पर बनने वाली यह यूनिट दूध और विभिन्न ताजा डेयरी उत्पादों के निर्माण एवं प्रसंस्करण का प्रमुख केंद्र बनेगी। इसके शुरू होने से बिहार में डेयरी प्रसंस्करण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और दुग्ध उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला पहले से अधिक मजबूत होगी।
200 लोगों को मिलेगा रोजगार
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इससे करीब 200 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने के साथ-साथ कौशल विकास के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। वहीं, राज्य के दुग्ध उत्पादक किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने की उम्मीद है।
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ग्रामीण अर्थव्यवस्था होगी मजबूत
उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने इस निवेश को बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कृषि और पशुपालन आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है और अमूल जैसी बड़ी कंपनी का निवेश किसानों की आय बढ़ाने तथा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएगा। उधर, उद्योग विभाग का मानना है कि निवेशकों के लिए बेहतर आधारभूत संरचना, पारदर्शी व्यवस्था और निवेशक-अनुकूल नीतियों का ही परिणाम है कि बिहार अब बड़े औद्योगिक निवेशों को आकर्षित कर रहा है।
अमूल की यह परियोजना न केवल डेयरी उद्योग को गति देगी, बल्कि बिहार को कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। स्पष्ट है कि फतुहा में बनने वाली यह हाईटेक डेयरी यूनिट सिर्फ एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि किसानों की समृद्धि, युवाओं के रोजगार और बिहार के औद्योगिक विकास की नई कहानी लिखने जा रही है।