उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को बड़ा फैसला लेते हुए बड़ा कदम उठाया है।
योगी आदित्यनाथ
सरकार ने यूपी में सभी तरह के एनालॉग डेयरी उत्पादों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है। अब से एनालॉग बेचना कानून अपराध माना जाएगा, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
सरकार के इस नए आदेश के बाद अब उत्तर प्रदेश में नकली और मिलावटी डेयरी उत्पाद नहीं बेचे जा सकेंगे। बैन के दायरे में मुख्य रूप से एनालॉग पनीर, एनालॉग क्रीम, एनालॉग घी, एनालॉग छेना और एनालॉग खोया शामिल हैं। एनालॉग का मतलब मिटावटी और सिंथेटिक डेयरी उत्पाद होता है।
खाद्य विभाग ने जिलों में मारी छापेमारी
पिछले कई महीनोंसे उत्तर प्रदेश के जिलों में दूध और दूध से बने उत्पादों की गुणवत्ता की जांच की गई थी। इस दौरान खाद्य विभाग की टीमों ने कई जगहों पर छापेमारी कर सैंपल लिए थे। इसी दौरान बड़ी मात्रा में नकली पनीर और डेयरी उत्पाद पकड़कर उन्हें नष्ट करवाया गया था।
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चौंकाने वाले आए आंकड़े
खाद्य विभाग की जांच के बाद जो रिपोर्ट सामने आई है वह चौंकाने वाली है। सैंपल की जांच में दूध और पनीर जैसी चीजों में भारी मिलावट पाई गई है। बाजार में इन्हें लोगों को धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। इन उत्पादों में दूध की जगह रिफाइंड तेल, अलग-अलग तरह की फैट और सोयाबीन या उसके उत्पादों को मिलाया जा रहा है।
इंसानी सेहत के लिए बेहद खतरनाक
जांच के दौरान दूध और खोए में जो चीजें मिलीं, वे इंसानी सेहत के लिए बेहद खतरनाक थीं। इन्हें खाने से लोगों को कैंसर जैसी जानलेवा बिमारी तक हो सकती है। साथ ही कई और भी गंभीर बिमारियां हो सकती हैं।
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NHRC ने नोटिस जारी किया
दरअसल, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने एनालॉग पनीर के निर्माण, बिक्री और खपत को लेकर उठाई गई चिंताओं के बाद सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) को नोटिस जारी किया है। आयोग ने कहा कि FSSAI के लिए यह स्पष्ट करना जरूरी है कि एनालॉग पनीर में पोषण संबंधी संरचना और पोषण मूल्य क्या है। इसमें प्रोटीन, फैट और अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की मात्रा कितनी है और क्या यह जानकारी उपभोक्ताओं को पर्याप्त रूप से उपलब्ध कराई जा रही है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने यह भी पूछा है कि ऐसे उत्पादों के निर्माण, नियमन और बिक्री की जरूरत क्यों है, खासकर तब जब तीन राज्यों ने पहले ही एनालॉग पनीर पर बैन या रोक लगा दी है।