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कानपुर में मंदिर के पास मिले जानवरों के मांस और हड्डियां, 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के एक इलाके में मंदिर के पास जानवरों की हड्डियाँ, मांस और खाल मिलने से इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। यह अवशेष किसने और क्यों रखे, इसकी जांच की जा रही है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, photo credit-AI generated

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उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिल्हौर थाना क्षेत्र के गढ़नापुर इलाके में एक मंदिर के पास जानवरों के मांस, हड्डियां और खाल मिले हैं। यह घटना सोमवार की बताई जा रही है। इस घटना से हिंदू समाज के लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। घटना के बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद लापरवाही के आरोप में थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। इलाके की स्थिति फिलहाल नाजुक बनी हुई है, जिसे देखते हुए मंदिर के आस-पास  पुलिस बल तैनात किया गया है।

 

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मामला सोमवार शाम सामने आया, जब गांव के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जानवरों के अवशेषों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया। इसके बाद हिंदू संगठनों, खासकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जानबूझकर मंदिर के पास जानवरों के अवशेष रखे गए हैं।

 

मंदिर के पास किसने रखे जानवरों के अवशेष?

प्रदर्शनकारियों का दावा है कि ये अवशेष गाय के हो सकते हैं। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आती, तब तक यह कहना जल्दबाजी होगी कि अवशेष किस जानवर के हैं। हिंदू संगठनों का आरोप है कि शाकिर और रहमान नाम के लोगों ने जानबूझकर मंदिर के पास ये अवशेष रखे हैं।

 

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि जानवरों के अवशेष कब्रिस्तान से सटे एक खेत में टिन के अंदर छिपाकर रखे गए थे। यह खेत शाकिर का बताया जा रहा है, इसलिए फिलहाल शक उसी पर जताया जा रहा है। पुलिस ने अवशेषों की पहचान के लिए पशु चिकित्सकों को बुलाकर पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

 

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पुलिस अधिकारियों को क्यों किया गया निलंबित?

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने मामले में समय पर कार्रवाई नहीं की। साथ ही पुलिस की मिलीभगत की आशंका भी जताई गई। इसके बाद संयुक्त पुलिस आयुक्त आशुतोष कुमार ने कार्रवाई करते हुए बिल्हौर थाना प्रभारी अशोक कुमार सरोज, चौकी प्रभारी प्रेमवीर सिंह, अधिकारी अफताब आलम और हेड कांस्टेबल दिलीप गंगवार को निलंबित कर दिया।

 

संयुक्त पुलिस आयुक्त आशुतोष कुमार ने बताया कि लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि जांच जारी है। फिलहाल आरोपी फरार है, जिसे ढूंढने के लिए पुलिस की एक टीम बनाई गई है।

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