उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक क्रिकेट मैच के दौरान अचानक मधुमक्खियों ने हमला कर दिया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। मधुमक्खियों का हमला अचानक हुआ और किसी को भी भागने, छिपने या खुद को बचाने का मौका नहीं मिला। इस घटनाक्रम में कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन के सीनियर अंपायर माणिक गुप्ता गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
यह मामला उन्नाव की गंगाधाय नगर पालिका परिषद क्षेत्र का है। सप्रू क्रिकेट स्टेडियम में एक मैच हो रहा था और ड्रिंक ब्रेक के दौरान अचानक मधुमक्खियों का झुंड मैदान में आ गया और खिलाड़ियों व अंपायरों पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों से बचने के लिए खिलाड़ी और अंपायर जमीन पर लेट गए लेकिन हमला जारी रहा और कई लोगों को डंक लगने से चोटें आईं।
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अस्पताल ले जाते समय हुई मौत
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला अचानक हुआ और ग्राउंड में मौजूद सभी खिलाड़ी और अंपायर मधुमक्खियों का शिकार हो गए। अंपायर माणिक गुप्ता को पहले तो शुक्लागंज के अस्पताल ले जा गया लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। माणिक लंबे समय से क्रिकेट अंपायर थे। माणिक गुप्ता की मौत के कारण उनका परिवार सदमे में है। कल परिवार ने लाश मिलने के बाद उनका अंतिम संस्कार किया।
भाई ने क्या बताया?
माणिक गुप्ता के भाई ने बताया कि माणिक अपने मैच के बाद भी वहां रुक गए थे। उन्होंने कहा, 'उनका मैच खत्म हो गया था और उनके सहयोगी दूसरे मैच में थे। वह उनका इंतजार कर रहे थे और जब चाय पी रहे थे तो अचानक मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। वह बचाव में भागे लेकिन गिर पड़े और मधुमक्खियों ने उन्हें कई जगह डंक मारा, जिसके चलते उनकी मौत हो गई।' माणिक गुप्ता के भाई ने बताया कि माणिक पिछले 30 सालों से क्रिकेट अंपायर थे।
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डॉक्टर ने बताई मौत की वजह
उर्सुला हॉर्समैन हॉस्पिटल के सीनियर फिजिशियन शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि मधुमक्खियों में एक टॉक्सिन होता है। जब मधुमक्खी काटती है और टॉक्सिन शरीर के अंदर जाता है तो इसकी कुछ मात्रा को हमारा शरीर सहन कर लेता है। हालांकि, जब ज्यादा मधुमक्खियां काट लें तो शरीर में ज्यादा मात्रा में टॉक्सिन चला जाता है। इस स्थिति में अगर व्यक्ति को समय से सही इलाज ना मिले तो उसकी मौत हो सकती है।