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सरकारी ऑफिस में घुसकर अफसर को मारी थी गोली, 12 घंटे में ढेर हुआ रामधनी यादव

बिहार के भागलपुर में एक सरकारी अधिकारी की हत्या के आरोपी रामधनी यादव ने थाने में सरेंडर कर दिया था लेकिन बाद में उसे एक एनकाउंटर में मार गिराया गया।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: Sora AI

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संजय सिंह, पटना: बिहार के भागलपुर के सुल्तानगंज में मंगलवार की दोपहर जो कुछ हुआ, उसने न सिर्फ प्रशासनिक तंत्र को हिला दिया बल्कि यह भी दिखा दिया कि अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हो चुके हैं। नगर परिषद कार्यालय के अंदर घुसकर दिनदहाड़े की गई गोलीबारी में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की हत्या ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी। इस सनसनीखेज वारदात के ठीक 12 घंटे के भीतर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रामधनी यादव को मुठभेड़ में मार गिराया।

 

मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय में सामान्य कामकाज चल रहा था। कर्मचारी फाइलों में व्यस्त थे और अधिकारी अपने दफ्तर में बैठकर रोजमर्रा के काम निपटा रहे थे। तभी अचानक बाइक सवार तीन अपराधी पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के दफ्तर के अंदर घुस गए। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, गोलियों की आवाज से पूरा दफ्तर दहल उठा। हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार को कई गोलियां लगीं। नगर सभापति राजकुमार गुड्डू भी इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए।

 

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घटना के बाद अफरातफरी मच गई। घायल अधिकारियों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन रास्ते में ही कृष्ण भूषण कुमार ने दम तोड़ दिया। इस वारदात ने प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। सरकारी कार्यालय के भीतर इस तरह की घटना ने पुलिस महकमे पर भी दबाव बढ़ा दिया कि जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ा जाए।

रामधनी ने किया था सरेंडर

इसी दबाव और तेजी के बीच पुलिस ने मुख्य आरोपी रामधनी यादव तक पहुंच बना ली। बताया जाता है कि गिरफ्तारी के डर से उसने खुद ही थाना पहुंचकर सरेंडर कर दिया था लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। पूछताछ के दौरान रामधनी यादव ने हथियार छिपाने की जानकारी दी। पुलिस उसे लेकर बरामदगी के लिए निकली लेकिन रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे उसके सहयोगियों ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। अचानक शुरू हुई गोलीबारी में हालात बेकाबू हो गए। इसी बीच रामधनी यादव ने भी पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में डीएसपी नवनीत कुमार समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। जवाब में पुलिस ने मोर्चा संभाला और आत्मरक्षा में फायरिंग की। गोलियों के इस टकराव में रामधनी यादव को सीने में गोली लगी और वह जमीन पर गिर पड़ा।

 

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गंभीर हालत में उसे भागलपुर के मायागंज स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस एनकाउंटर के साथ ही पुलिस ने साफ संदेश देने की कोशिश की कि कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

 

मामले में पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है, जिनमें एक दीपक और दूसरा रामधनी यादव का करीबी रिश्तेदार बताया जा रहा है। दोनों घायल हैं और पुलिस निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि पुलिस टीम पर हमले के बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और सभी दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।


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