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युवाओं को कमान, हर पद पर सिर्फ 2 टर्म; चुनावी हार के बाद DMK के 9 बड़े फैसले

तमिलनाडु चुनावी झटके के बाद एमके स्टालिन की DMK ने संगठन में बड़े बदलाव का फैसला किया है। TVK की चुनौती के बीच पार्टी अब युवाओं को आगे लाएगी।

Big Changes in DMK after defeat Tamil Nadu polls

डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन, Photo Cedit: ANI

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तमिलनाडु में चुनावी झटके के कुछ महीने बाद एमके  स्टालिन की DMK ने संगठन में बड़े बदलाव का फैसला किया है। TVK पार्टी से मिली चुनौती के बाद DMK अब संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की तैयारी में है। पार्टी का जोर युवा नेताओं को आगे लाने और संगठन में नई पीढ़ी को अधिक जिम्मेदारी देने पर है।

 

शनिवार को चेन्नई स्थित DMK मुख्यालय अन्ना अरिवालयम में कार्यकारी समिति की बैठक हुई। पार्टी प्रमुक एमके स्टालिन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संगठन के पुनर्गठन से जुड़े 9 अहम प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें कई पदों के लिए उम्र सीमा तय करने और हर पद पर अधिकतम दो कार्यकाल की व्यवस्था लागू करने का फैसला शामिल है।

 

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78 से बढ़कर 110 होंगे संगठनात्मक जिले

DMK ने संगठनात्मक जिलों की संख्या 78 से बढ़ाकर 110 करने का फैसला किया है। नए ढांचे में हर जिले को करीब दो विधानसभा क्षेत्रों के हिसाब से तैयार किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि इससे स्थानीय स्तर पर संगठन को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।

 

बड़े शहरी इलाकों में संगठनात्मक ढांचे में भी बदलाव किया गया है। कोयंबटूर और तांबरम जैसे शहरों में सिटी सेक्रेटरी का पद खत्म कर दिया गया है। वहीं शहरी समितियों की सीमाएं मतदाताओं की संख्या के आधार पर तय होंगी। चेन्नई कॉरपोरेशन की समितियों में औसतन 40 हजार और अन्य नगर निगमों में करीब 30 हजार मतदाता रखने का प्रस्ताव है।

 

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पदों के लिए तय हुई उम्र सीमा

DMK ने संगठन में नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने के लिए अलग-अल पदों पर उम्र की सीमा तय की है। ब्रांच कमेटी सचिव की अधिकतम उम्र 45 साल होगी और वह अधिकतम दो कार्यकाल तक पद रह सकेगा। नगरपालिका, शहर और टाउन पंचायत की वार्ड कमेटी के सचिव के लिए अधिकतम उम्र 50 साल तय की गई है। इस पद पर भी दो कार्यकाल की सीमा होगी। वहीं टाउन पंचायत कमेटी सचिव की अधिकतम उम्र 60 साल और कार्यकाल की सीमा दो टर्म रखी गई है। चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै, तिरुचिरापल्ली और सलेम में वार्ड समितियों को मजबूत करने के लिए ब्रांच कमेटियां भी बनाई जाएंगी।

एमके स्टालिन ने बैठक को किया संबोधित

बैठक में एमके स्टालिन ने कहा कि पार्टी ने सिर्फ एक चुनाव हारा है, यह स्थायी हार नहीं है। उन्होंने चुनावी नतीजे को संगठन के भविष्य की रणनीति बनाने का अवसर बताया। स्टालिन ने माना कि पार्टी पदाधिकारियों के कामकाज में भी कमियां रही हैं और गलतियों को स्वीकार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र में अलग-अलग लोगों को हटाने के बजाय पूरे संगठन का आत्ममंथन करने का फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति की गलती का असर 75 साल पुरानी पार्टी पर पड़ता है। ऐसे में संगठन में बदलाव का मकसद DMK को भविष्य की राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार करना और युवाओं को नेतृत्व में अधिक जगह देना है।


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