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अररिया में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, 4 गिरफ्तार, 58 सिम और डिवाइस बरामद

अररिया में पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से नकदी, 58 सिम कार्ड और साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले कई डिवाइस बरामद किए गए हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- Gemini

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बिहार के अररिया में साइबर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। नगर थाना क्षेत्र के शिवपुरी मोहल्ले में साइबर थाना की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर ऑनलाइन ठगी करने वाले चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस ने 2 लाख 20 हजार रुपये नकद, 58 एक्टिव सिम कार्ड, 7 एटीएम कार्ड, एक मॉडिफाइड फिंगर प्रिंट स्कैनर, एक आई स्कैनर और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से लोगों के बैंक खातों से पैसे निकाल रहा था। आरोपी आधार कार्ड से लिंक बैंक खातों के डेटा का इस्तेमाल कर आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (AEPS) के जरिए फ्रॉड करते थे। पुलिस को इनके पास से एक पासबुक भी मिली है।

 

एसपी जितेंद्र कुमार ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह गिरोह AEPS फ्रॉड करने में माहिर था। ये लोग लोगों के फिंगर प्रिंट और आंखों की पुतलियों के स्कैन का क्लोन तैयार करते थे। इसके लिए मॉडिफाइड डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता था। आधार कार्ड से लिंक बैंक खातों से AEPS के जरिए पैसे निकालने के लिए फिंगर प्रिंट की जरूरत होती है। ये ठग पहले किसी न किसी बहाने लोगों के आधार और फिंगर प्रिंट का डेटा हासिल कर लेते थे। इसके बाद उसी डेटा को मॉडिफाइड स्कैनर के जरिए इस्तेमाल कर बैंक खाते से पैसे निकाल लेते थे। लोगों को इसकी जानकारी भी नहीं होती थी और उनके खाते से रकम गायब हो जाती थी।

 

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58 सिम और 7 एटीएम कार्ड मिले

छापेमारी के दौरान पुलिस को 58 एक्टिव सिम कार्ड मिले। इनमें 49 जियो और 9 एयरटेल के सिम हैं। पुलिस का मानना है कि ये सभी सिम फर्जी दस्तावेजों पर लिए गए थे और अलग-अलग ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे थे। एक ही व्यक्ति कई सिम कार्ड से लेन-देन करता था ताकि पुलिस को चकमा दिया जा सके। इसके अलावा पुलिस को 7 एटीएम कार्ड भी मिले हैं जो अलग-अलग बैंकों के हैं। इन एटीएम कार्ड के जरिए ठगी की रकम निकाली जाती थी और बाद में आपस में बांट ली जाती थी।

 

अररिया एसपी ने बताया कि साइबर थाना की टीम को काफी दिनों से सूचना मिल रही थी कि शिवपुरी इलाके में कुछ लोग साइबर फ्रॉड कर रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर टीम ने जाल बिछाया और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के बाद इस साइबर फ्रॉड के बड़े आकाओं तक जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। यह एक संगठित गिरोह है जो बिहार के अलावा दूसरे राज्यों में भी सक्रिय हो सकता है।

 

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पुलिस इनके मोबाइल और सिम कार्ड का CDR और बैंक ट्रांजेक्शन भी खंगाल रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपना आधार कार्ड, फिंगर प्रिंट और आंखों का स्कैन किसी अनजान व्यक्ति के साथ शेयर न करें। किसी भी साइबर कैफे या CSC सेंटर पर आधार से जुड़ा काम कराते समय सावधानी बरतें। अगर बैंक खाते से बिना वजह पैसे कटने का मैसेज आए तो तुरंत बैंक और साइबर थाना को इसकी जानकारी दें।


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