बिहार में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री
सम्राट चौधरी
ने 16 अक्टूबर को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने, निवेश की संभावनाओं को साकार करने तथा औद्योगिक परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने से संबंधित विषयों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि औद्योगिक परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि जमीन दाताओं को समय पर मुआवजा मिले, इसमें किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।
बैठक में उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से औद्योगिक नीति तथा विभाग की विभिन्न कार्य योजनाओं, विभिन्न जिलों में उद्योग हेतु भूमि अधिग्रहण की स्थिति, निवेश सहित अन्य बिन्दुओं पर विस्तृत जानकारी दी गयी। उन्होंने बताया कि राज्य में कई जगह उद्योग के लिए जमीन चिन्हित की गई है। कुछ जगह अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। कई जगह निवेशकों ने निवेश में रुचि दिखाई है। सचिव ने बताया कि नई औद्योगिक नीति के बाद बिहार में निवेश का माहौल बना है। कई बड़ी कंपनियां बिहार में उद्योग लगाने को तैयार हैं।
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मुख्यमंत्री ने की समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि औद्योगिक परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। औद्योगिक विकास के लिए जरूरी आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा निवेशकों को अनुकूल वातावरण प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। उद्योगों की स्थापना एवं विस्तार से जुड़ी प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए, ताकि राज्य में निवेश को प्रोत्साहन मिले, नए रोजगार के अवसर सृजित हों और बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में उद्योग लगेंगे तो युवाओं को रोजगार मिलेगा। लोगों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि उद्योग हेतु सभी जिलाधिकारी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लायें। जमीन दाताओं का राशि भुगतान में किसी प्रकार का विलंब नहीं हो। राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए विभागीय कार्यों में तेजी, प्रभावी समन्वय और निर्धारित समय-सीमा के भीतर योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी अपने जिलों में उद्योग के लिए चिन्हित जमीन का सत्यापन करें। जहां विवाद है, उसे जल्द सुलझाएं। राजस्व विभाग से समन्वय बनाकर भू-अर्जन की प्रक्रिया पूरी करें। मुआवजा वितरण में पारदर्शिता रखें।
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विवाद को सुलझाएं, राजस्व विभाग में तालमेल
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों के लिए सड़क, बिजली, पानी और नाला जैसी बुनियादी सुविधाएं जरूरी हैं। बियाडा के औद्योगिक क्षेत्रों में ये सुविधाएं दुरुस्त करें। जहां सड़क खराब है, वहां मरम्मत कराएं। जहां बिजली की समस्या है, वहां ट्रिपिंग दूर करें। निवेशक जब आए तो उन्हें अच्छा माहौल मिले। सिंगल विंडो सिस्टम को और मजबूत करें। ताकि निवेशकों को एक ही जगह सारी सुविधाएं मिल जाएं। उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ें।