बिहार के मुंगेर न्यायालय के नंबर भवन में सुबह भीषण आग लग गई। आग कोर्ट खुलने से पहले लगी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आग की चपेट में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट किरण कुमारी का कार्यालय और फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट का चैंबर आ गया। कार्यालय में रखी कई महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज जलकर राख हो गए। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की दो दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, जिसके बाद करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है।
यह घटना सुबह करीब 9 बजे की है। कोर्ट शुरू होने से पहले न्यायालय परिसर के नंबर भवन के प्रथम तल से अचानक धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। प्रथम तल पर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम का कार्यालय सहित कई न्यायिक कार्यालय स्थित हैं। आग तेजी से फैलती देख परिसर में अफरा-तफरी मच गई। वकील, कर्मचारी और मुवक्किल इधर-उधर भागने लगे। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग को फोन किया गया। दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और लगातार पानी की बौछार कर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। तब तक कार्यालय में रखा फर्नीचर, कंप्यूटर, कुर्सी-मेज और दर्जनों केसों की फाइलें जल चुकी थीं।
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कई अहम दस्तावेज खाक
आग लगने से कार्यालय में रखे कई महत्वपूर्ण न्यायिक दस्तावेज, केस फाइलें और रजिस्टर जलकर राख हो गए हैं। न्यायालय प्रशासन ने आग बुझने के बाद नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। नष्ट हुए दस्तावेजों की सूची तैयार की जा रही है। राहत की बात यह रही कि घटना के समय कार्यालय में कोई कर्मचारी या जज मौजूद नहीं था। इसलिए किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अगर आग थोड़ी देर बाद लगती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। आशंका है कि बिजली के तारों में स्पार्किंग से आग लगी होगी। हालांकि, आग लगने के सही कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है।
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व्यवस्था पर विचार
आग लगने के बाद न्यायालय प्रशासन ने तत्काल बैठक की। फिलहाल किरण कुमारी के कोर्ट की सुनवाई को दूसरे हॉल में शिफ्ट करने पर विचार किया जा रहा है। कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जले हुए दस्तावेजों की सूची जल्द से जल्द तैयार करें। जिला जज ने कहा कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। साथ ही सभी न्यायालय भवनों में फायर एक्सटिंग्विशर और अलार्म सिस्टम लगाने का निर्देश दिया गया है। फिलहाल नंबर भवन के प्रथम तल को सील कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासन की टीम स्थिति पर नजर रखे हुए है।