बिहार के पटना जिले के दानापुर थाना क्षेत्र में मिथिला कॉलोनी मोड़ स्थित किराए के मकान में देर रात सनसनीखेज वारदात हुई। मोतिहारी में तैनात सिपाही ओम चंद्र ने अपनी बहन गायत्री देवी को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली मार ली। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। शुरुआती जांच में पुलिस इसे हत्या के बाद आत्महत्या का मामला मान रही है।
बताया जा रहा है कि देर रात पड़ोसियों ने गोली चलने की आवाज सुनी। पहले एक गोली चली और कुछ सेकेंड बाद दूसरी गोली की आवाज आई। पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई। वे मकान के पास पहुंचे तो कमरा अंदर से बंद था। खिड़की से देखने पर अंदर दो लोग खून से लथपथ पड़े दिखाई दिए। इसके बाद दानापुर थाने की पुलिस को सूचना दी गई।
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कमरे में मिले दोनों के शव
सूचना मिलते ही दानापुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। कमरा अंदर से बंद होने के कारण पुलिस ने दरवाजा तोड़ा। अंदर फर्श पर दो शव पड़े थे। महिला का शव बेड पर और सिपाही का शव नीचे जमीन पर पड़ा था। दोनों के सिर में गोली लगी थी। मौके से पुलिस ने सर्विस रिवॉल्वर और दो खोखे बरामद किए हैं। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। FSL की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। कमरे की तलाशी ली गई लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
'पुलिस के अनुसार, मृतक सिपाही का नाम ओम चंद्र है और वह मोतिहारी में तैनात था। उसकी बहन गायत्री देवी शादीशुदा थी। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडल अस्पताल भेजा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिजनों को सूचना दे दी गई है। मृतक ओम चंद्र मूल रूप से मुजफ्फरपुर जिले के औराई थाना क्षेत्र के मरथुआ गांव का रहने वाला था। उसके पिता भी पुलिस विभाग में थे। पिता की मौत के बाद ओम को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिली थी। वह पिछले दो साल से मोतिहारी में सिपाही के पद पर तैनात था।
परिवार के लोगों ने बताया कि ओम चंद्र दो दिन पहले ही छुट्टी लेकर दानापुर आया था। वह मिथिला कॉलोनी मोड़ पर किराए के मकान में रहता था। उसकी बहन गायत्री देवी भी पिछले करीब एक साल से वहीं रह रही थी। बताया जा रहा है कि गायत्री देवी शादीशुदा थी और मानसिक बीमारी से जूझ रही थी। पिछले करीब एक साल से वह दानापुर में रहकर इलाज करा रही थी। उसका इलाज पटना के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। ओम ही उसकी देखभाल करता था और इलाज का खर्च उठाता था। पड़ोसियों ने बताया कि गायत्री देवी अक्सर बीमार रहती थी और घर से कम निकलती थी। ओम छुट्टी लेकर अक्सर उससे मिलने आता था। दोनों भाई-बहन में काफी लगाव था और पड़ोसियों ने उनके बीच कभी झगड़ा होते नहीं देखा था। ऐसे में यह घटना कैसे हुई इसे लेकर आसपास के लोग भी हैरान हैं।
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दो दिन पहले ही घर आया था ओम
परिजनों ने बताया कि ओम चंद्र दो दिन पहले ही मोतिहारी से छुट्टी लेकर दानापुर आया था। परिवार को नहीं पता कि दोनों के बीच क्या बात हुई थी। रात में अचानक यह घटना हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद मुजफ्फरपुर में परिवार में मातम छा गया। मकान मालिक ने बताया कि ओम चंद्र पिछले एक साल से यहां किराए पर रह रहा था। वह शांत स्वभाव का था और कभी किसी से झगड़ा नहीं करता था। बहन की बीमारी के कारण वह परेशान रहता था।
पुलिस मामले की कई पहलुओं से जांच कर रही है। एक पहलू मानसिक तनाव का है। पुलिस यह भी देख रही है कि बहन की लंबी बीमारी और इलाज के खर्च को लेकर ओम किसी परेशानी में था या नहीं। इसके अलावा पारिवारिक विवाद की भी जांच की जा रही है। पुलिस परिजनों से भी पूछताछ कर रही है कि संपत्ति या किसी अन्य वजह से दोनों के बीच कोई विवाद था या नहीं।
पुलिस ने मौके से ओम की सर्विस रिवॉल्वर बरामद की है। शुरुआती जांच में गोली उसी रिवॉल्वर से चलने की बात सामने आई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ओम ने पहले अपनी बहन को गोली मारी और फिर खुद को गोली मार ली या दोनों के बीच किसी तरह की हाथापाई हुई थी। फिलहाल दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है।