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हाजीपुर: लेखापाल के ठिकानों पर EOU की रेड, थार-जेवर समेत करोड़ों की संपत्ति बरामद

बिहार के हाजीपुर के नगर परिषद में तैनात लेखापाल मनीष कुमार के ठिकानों पर EOU ने छापेमारी की। इस दौरान उनके पास से थार SUV, जेवर समेत करोड़ों की संपत्ति बरामद की गई।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: ChatGPT

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बिहार में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को हाजीपुर नगर परिषद में तैनात लेखापाल मनीष कुमार के ठिकानों पर छापेमारी की गई। जांच के शुरुआती चरण में ही करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति के संकेत मिलने से एजेंसी भी हैरान रह गई। आर्थिक अपराध इकाई ने हाजीपुर नगर परिषद के लेखापाल मनीष कुमार के दो ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।

 

EOU के अनुसार, शुरुआती जांच में उनके खिलाफ 2,02,31,500 रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के प्रमाण मिले हैं। एजेंसी का दावा है कि यह संपत्ति उनकी इनकम से करीब 208.57 प्रतिशत ज्यादा है। छापेमारी के दौरान जांच टीम को हाजीपुर के बागमली में घर से कई अहम जानकारियां मिलीं। यहां एक आलीशान मकान, महंगी थार SUV, बड़ी मात्रा में जेवर और अन्य कीमती सामान होने की जानकारी सामने आई है।

 

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हालांकि अधिकारियों का कहना है कि संपत्ति का अंतिम आकलन तलाशी पूरी होने और दस्तावेजों की जांच के बाद ही किया जाएगा। गुरुवार सुबह जैसे ही EOU की टीम हाजीपुर पहुंची नगर परिषद कार्यालय और संबंधित ठिकानों पर हलचल बढ़ गई। अलग-अलग टीमों ने दोनों परिसरों में एक साथ जांच शुरू की।

शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, मनीष कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिली थी। शुरुआती जांच में आरोपों के आधार मिलने के बाद EOU ने कांड संख्या 10/26 दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की। तलाशी के लिए EOU ने मुजफ्फरपुर स्थित निगरानी की विशेष अदालत से अनुमति ली थी। अदालत से वारंट मिलने के बाद गुरुवार को छापेमारी की गई।

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पिछले कुछ वर्षों में बिहार में निगरानी विभाग और EOU की कार्रवाई के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें छोटे पदों पर कार्यरत सरकारी कर्मचारियों के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति मिली है। हर नई कार्रवाई के बाद यह सवाल उठता है कि कम वेतन पाने वाले कर्मचारी इतनी बड़ी संपत्ति कैसे जुटा लेते हैं। हालांकि किसी भी मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच, दस्तावेजी साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आता है। फिलहाल हाजीपुर नगर परिषद के इस लेखापाल की संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी है और आर्थिक अपराध इकाई पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है।


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