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औरंगाबाद के जंगल में मिला 2.5 किलो का IED, सुरक्षाबलों को उड़ाने की थी तैयारी

बिहार के औरंगाबाद के पचरुखिया जंगल से 2.5 किलो का IED बरामद हुआ। नक्सलियों ने इसे सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए लगाया था। पुलिस और CRPF ने इसे मौके पर नष्ट कर दिया।

representative image of IED in forest

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: Gemini Ai

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बिहार के औरंगाबाद जिले में सुरक्षाबलों को नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। मदनपुर प्रखंड के पचरुखिया जंगल से 2.5 किलो का IED बरामद किया गया है। नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए यह बम लगाया था लेकिन जिला पुलिस और CRPF की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। सुरक्षाबलों ने बरामद विस्फोटक को सुरक्षित तरीके से वहीं पर विस्फोट कर नष्ट कर दिया।

 

यह कार्रवाई आजन थाना क्षेत्र में जिला पुलिस और CRPF बटालियन-47 F की संयुक्त टीम ने नक्सलियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष सर्च अभियान के दौरान की है। पचरुखिया जंगल से करीब 2.5 किलोमीटर दक्षिण करिबा डोभा पहाड़ के पास से यह 2.5 किलो का IED बरामद हुआ है।

 

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SP के निर्देश पर चल रहा था विशेष सर्च अभियान

आजन थाना अध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि औरंगाबाद SP के निर्देश पर क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिले के नक्सल प्रभावित इलाकों मदनपुर, अम्बा, देव और बारूण में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को आजन थाना क्षेत्र के पचरुखिया जंगल में जिला पुलिस और CRPF 47 बटालियन की F कंपनी की संयुक्त टीम ने सर्च अभियान शुरू किया था।

 

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सर्च के दौरान टीम जब करिबा डोभा पहाड़ के पास पहुंची तो एक संदिग्ध जगह पर जमीन में कुछ ताजा खुदाई के निशान दिखे। जवानों को शक हुआ तो उन्होंने डॉग स्क्वायड और मेटल डिटेक्टर से जांच की। जांच में वहां IED होने की पुष्टि हुई। तुरंत इलाके को कॉर्डन कर दिया गया और बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया। जांच में पता चला कि यह करीब 2.5 किलो का प्रेशर IED है, जिसे नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के लिए लगाया था। इस रास्ते से सुरक्षाबलों की गाड़ियां और जवान पैदल गश्त करते हैं। नक्सलियों की योजना थी कि जब सुरक्षाबलों की टीम इस रास्ते से गुजरेगी तो विस्फोट कर उन्हें उड़ा दिया जाए।

मौके पर ही IED को किया गया नष्ट

आजन थाना अध्यक्ष ने बताया कि बरामद IED को वहीं पर सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया गया। बम को नष्ट करने के लिए पहले आसपास के इलाके को पूरी तरह खाली करा लिया गया। इसके बाद बम निरोधक दस्ते ने IED को यथास्थान विस्फोट कर नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पचरुखिया जंगल में नक्सलियों की गतिविधि देखी गई है और उन्होंने IED लगाया है, उसी सूचना के आधार पर यह अभियान चलाया गया था। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि अगर उन्हें जंगल में कोई भी संदिग्ध वस्तु या नक्सलियों की गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। संदिग्ध वस्तु को छूने की कोशिश न करें। पुलिस उनकी पहचान गुप्त रखेगी।

 

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औरंगाबाद नक्सल प्रभावित जिला

मालूम हो कि बिहार का औरंगाबाद जिला नक्सल प्रभावित जिलों में से एक है। मदनपुर, अम्बा और देव प्रखंड का जंगली इलाका नक्सलियों का सेफ जोन माना जाता है। पचरुखिया, अंजनवा, करिबा डोभा और कासा पहाड़ के जंगलों में नक्सलियों की गतिविधि लगातार देखी जाती रही है। यहां नक्सली अक्सर IED लगाकर सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं। इससे पहले भी कई बार इस इलाके से IED, डेटोनेटर, कोडेक्स वायर और हथियारों का जखीरा बरामद हो चुका है। पिछले साल भी इसी जंगल से 10 किलो का IED बरामद किया गया था।

 

पुलिस ने इस इलाके में गश्त बढ़ा दी है और लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। CRPF और जिला पुलिस की संयुक्त टीम जंगल में कैंप कर रही है और नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रही है। जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से ग्रामीणों में भी सुरक्षा का भाव बढ़ा है और वे अब खुलकर पुलिस का सहयोग कर रहे हैं।


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