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बख्तियारपुर का नाम नीतीशपुर करने की मांग पर सियासत तेज, NDA में ही मतभेद

बिहार में बख्तियारपुर का नाम बदलकर नीतीशपुर करने की मांग पर सियासी घमासान तेज हो गया है। इसको लेकर NDA के अंदर ही अलग-अलग राय उभरकर सामने आ रही है।

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मदन सहनी, Photo Credit: Social Media

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बिहार में बख्तियारपुर का नाम बदलकर नीतीशपुर करने की मांग पर सियासी घमासान तेज हो गया है। सरकार में शामिल मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं के बयान एक-दूसरे के उलट आ रहे हैं। एक तरफ मद्य निषेध मंत्री मदन सहनी ने बख्तियारपुर का नाम बदलकर नीतीशपुर करने की मांग का खुलकर समर्थन किया है, वहीं जेडीयू के वरिष्ठ विधायक श्याम रजक ने कहा है कि पार्टी को इस तरह नाम बदलने में विश्वास नहीं है। नीतीश कुमार हमारे राष्ट्रीय नेता हैं, जगह का नाम बदलना ही सब कुछ नहीं है।

 

 विधायक श्याम रजक ने कहा कि नीतीश कुमार हमारे राष्ट्रीय नेता हैं, जगह का नाम बदलना ही सब कुछ नहीं है। दरअसल, यह पूरा मामला हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (हम) के नेता संतोष मांझी की मांग से शुरू हुआ था। संतोष मांझी ने बख्तियारपुर का नाम बदलकर नीतीशपुर करने की मांग की थी। अब इस पर मंत्री मदन सहनी ने भी मुहर लगा दी है।

 

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मदन सहनी ने क्या कहा?

मंत्री मदन सहनी ने कहा कि सिर्फ बख्तियारपुर ही नहीं, बल्कि नालंदा जिले का नाम भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार के विकास और सामाजिक बदलाव में ऐतिहासिक योगदान दिया है। उनके नाम पर नामकरण होना खुशी की बात होगी। बिहार में जो विकास हुआ है, जो सामाजिक परिवर्तन हुआ है, वह नीतीश कुमार की देन है। मदन सहनी ने कहा कि नीतीश कुमार ने सड़क, बिजली, शिक्षा, आरक्षण समेत हर क्षेत्र में काम किया है। इसलिए उनके नाम पर जिले या शहर का नाम होना गर्व की बात है।

शराबबंदी पर क्या बोले?

शराबबंदी को लेकर भी मदन सहनी ने बड़ा दावा किया। उन्होंने शराबबंदी को महिलाओं, गरीबों और मजदूरों के लिए मुख्यमंत्री की ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि इससे समाज और परिवार में शांति आई है। बिहार में शराबबंदी लागू है और आगे भी लागू रहेगी। मंत्री ने माना कि शराबबंदी से सरकार को आर्थिक नुकसान जरूर हुआ है। 

 

उन्होंने कहा कि लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है, लेकिन सामाजिक हित सरकार की प्राथमिकता है। सरकार आर्थिक फायदे के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक विकास के लिए काम कर रही है। शराब तस्करी में महिला की गिरफ्तारी को लेकर उठ रहे सवालों पर मदन सहनी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि हजारों ग्रामीण महिलाएं शराब के धंधे में पकड़ी गईं, तब किसी ने सवाल नहीं उठाया। एक पढ़ी-लिखी महिला के मामले को ही मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है। कानून की जानकारी होने के बावजूद शराब तस्करी में शामिल होना गलत है। कानून सबके लिए बराबर है।

फरक्का जल समझौते पर रखी बात

फरक्का जल समझौते को लेकर मदन सहनी ने कहा कि यह बिहार के हित में नहीं है। इसके लिए उन्होंने तत्कालीन यूपीए सरकार और उस समय के बिहार नेतृत्व पर सवाल उठाया और कहा कि उसी समय इस मुद्दे को रोकना चाहिए था। मंत्री ने कहा कि जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा फरक्का जलसंधि को लेकर लगातार प्रयास कर रहे हैं। दिसंबर में इसके नवीनीकरण की बात है और उम्मीद है कि फैसला बिहार के हित में होगा। संजय झा को उन्होंने जेडीयू का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और सर्वमान्य नेता बताया। बिहार में बाढ़ की स्थिति और केंद्र से मिलने वाली मदद पर भी मदन सहनी ने कहा कि केंद्र सरकार ने हमेशा बिहार की मदद की है और आगे भी करेगी। बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में बिहार को केंद्र से मदद मिलना उसका हक है।

 

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नाम पर राजनीति तेज

वहीं इस पूरे मामले पर जेडीयू के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री श्याम रजक ने अलग राय रखी। उन्होंने कहा कि क्या नीतीश कुमार के नाम पर कोई जगह का नाम बदल दिया जाए, यही नीतीश कुमार हैं। नीतीश हमारा राष्ट्रीय नेता हैं, इसलिए इन सब चीजों में हमारी पार्टी का कोई विश्वास नहीं है। पार्टी विकास की राजनीति करती है, नाम बदलने की नहीं। श्याम रजक ने तेजस्वी यादव को भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि तेजस्वी अपने धन में से 10 प्रतिशत धन निकालकर बाढ़ पीड़ितों को दें और उनकी सहायता करें। आप जा रहे हैं आज बाढ़ पीड़ितों के बीच, हमारे कहने पर आपको धन्यवाद, लेकिन अपने धन से लेकर जाइए और अपने धन से बाढ़ पीड़ितों की सहायता कीजिए। यह भी देखिए कि सरकार ने वहां क्या-क्या इंतजाम किया है।

 

शराबबंदी कानून पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान कि 20 हजार करोड़ का घाटा है लेकिन फिर भी जारी रहेगी, पर श्याम रजक ने कहा कि बिल्कुल यह जारी रहेगी। महात्मा गांधी की बातों को सुनिए और समझिए। जो लोग शराबबंदी कानून हटाने की बात कर रहे हैं, हम उनसे पूछना चाहते हैं कि क्या समाज को बर्बाद करना चाहते हैं। समाज को बनाने का काम कीजिए। बिहार में कुछ भी होगा, घाटा कितना भी होगा, लेकिन शराबबंदी कानून जारी रहेगा। मोकामा में अनंत सिंह और जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार के बीच बढ़ रहे विवाद पर श्याम रजक ने कहा कि बिल्कुल कोई भी बात नहीं है। हमारे पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार होंगे, हम लोग उन्हें जिताएंगे। पार्टी आलाकमान पूरे मामले को देख रही है, कोई भी विवाद नहीं है।

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