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MLC चुनाव से पहले सियासत गरमाई, RJD और प्रशांत किशोर पर JDU ने किया बड़ा हमला

बिहार विधान परिषद की 7 सीटों पर होने वाले एमएलसी चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। चुनाव से पहले बयानबाजी तेज हो गई है।

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JDU की प्रेस वार्ता, Photo Credit: JDU

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बिहार विधान परिषद की 7 सीटों पर होने वाले एमएलसी चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। चुनाव से पहले बयानबाजी तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने एमएलसी चुनाव में एनडीए के सभी उम्मीदवारों की जीत का दावा करते हुए आरजेडी, कांग्रेस और जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पर जमकर हमला बोला है। पटना में पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में जेडीयू के तीन प्रवक्ताओं ने एक साथ मोर्चा संभाला और गठबंधन की एकजुटता का हवाला देते हुए कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता इस बार एनडीए के पक्ष में फैसला सुनाएंगे।

 

पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में जेडीयू प्रवक्ता पूजा पैट्रिक, प्रदेश प्रवक्ता चंदन सिंह और प्रवक्ता अनुप्रिया यादव मौजूद थीं। सबसे पहले जेडीयू प्रवक्ता पूजा पैट्रिक ने कहा कि एनडीए ने हर चुनाव में गठबंधन धर्म का पालन किया है। चाहे लोकसभा हो, विधानसभा हो या विधान परिषद का चुनाव हो, एनडीए के सभी घटक दल एक साथ मिलकर चुनाव लड़ते हैं। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के चुनाव प्रचार में सहयोग और गठबंधन के नेताओं की एकजुटता का जिक्र किया। 

 

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एनडीए की जीत का दावा

पूजा पैट्रिक ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने पिछले 21 वर्षों में जो विकास किया है, वह किसी से छिपा नहीं है। सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बिहार ने लंबी छलांग लगाई है। शिक्षकों और स्नातक युवाओं के लिए सरकार ने कई योजनाएं चलाई हैं। इसलिए शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता एनडीए के उम्मीदवारों को ही अपना वोट देंगे। उन्होंने दावा किया कि एनडीए के उम्मीदवार मजबूत स्थिति में हैं और सभी सीटों पर जीत तय है।

सरकार के काम गिनाए

वहीं, जेडीयू प्रदेश प्रवक्ता चंदन सिंह ने आरजेडी और प्रशांत किशोर पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राजनीति में किसी व्यक्ति से ज्यादा महत्वपूर्ण संगठन होता है। आरजेडी और जन सुराज के पास न तो संगठन है और न ही कोई विजन। आरजेडी सिर्फ परिवारवाद की राजनीति करती है, जबकि प्रशांत किशोर सिर्फ हवा-हवाई बातें करते हैं। बिहार की जनता अब उनके झांसे में आने वाली नहीं है।

 

चंदन ने कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता पढ़े-लिखे और जागरूक हैं। वे जानते हैं कि किसने उनके लिए काम किया है। नीतीश कुमार ने शिक्षकों की बहाली की, स्नातक युवाओं को रोजगार दिया, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड जैसी योजना चलाई। इसलिए मतदाता इस बार एनडीए के पक्ष में फैसला देंगे। उन्होंने एनडीए प्रत्याशियों की भारी अंतर से जीत का दावा भी किया। 

 

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प्रशांत किशोर पर बोला हमला

उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर कभी किसी पार्टी के रणनीतिकार बनते हैं तो कभी खुद पार्टी बनाकर चुनाव लड़ने का दावा करते हैं। लेकिन बिहार की जनता जानती है कि उनका कोई जमीनी आधार नहीं है। उनके समर्थित उम्मीदवारों की जमानत जब्त होगी। जेडीयू प्रवक्ता अनुप्रिया यादव ने भी प्रशांत किशोर और उनके समर्थित उम्मीदवारों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो लोग महिलाओं के सम्मान की बात करते हैं, उनके ही समर्थित लोगों पर महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोप लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को शिक्षक और स्नातक मतदाता कभी वोट नहीं देंगे।

 

 हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।अनुप्रिया ने कहा कि एनडीए सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई काम किए हैं। जीविका समूह, महिला आरक्षण और लड़कियों के लिए शिक्षा की व्यवस्था नीतीश कुमार की देन है। इसलिए महिला मतदाता भी एनडीए के साथ हैं।  कुल मिलाकर, एमएलसी चुनाव से पहले बिहार में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। जेडीयू ने साफ कर दिया है कि वह इस चुनाव को प्रतिष्ठा का सवाल बनाकर लड़ रही है। पार्टी ने अपने सभी कार्यकर्ताओं को शिक्षक और स्नातक मतदाताओं से संपर्क करने का निर्देश दिया है। वहीं, आरजेडी और जन सुराज भी अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।

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