संजय सिंह, पटना: बिहार के कटिहार जिले के कुरसेला थाना क्षेत्र से सामाजिक संवेदनहीनता और भीड़तंत्र की भयावह तस्वीर सामने आई है। यहां कथित तौर पर आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े जाने के आरोप में दो नाबालिग बच्चों को ग्रामीणों ने सरेआम अपमानित किया। इतना ही नहीं, भीड़ ने किशोर का सिर आधा मूंड दिया और फिर दबाव बनाकर बच्ची की मांग में सिंदूर भरवा दिया। घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, गांव के कुछ लोगों ने एक किशोर और एक बच्ची को लेकर आपत्तिजनक आरोप लगाए। देखते ही देखते गांव में भीड़ जुट गई और मामला सामाजिक सजा देने तक पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ग्रामीणों ने पहले किशोर को पकड़कर सार्वजनिक रूप से बेइज्जत किया। उसका सिर आधा मूंड दिया गया और उसे भीड़ के बीच खड़ा रखा गया। इसी दौरान कुछ लोगों ने कहा कि दोनों की शादी करा देनी चाहिए, तभी सजा पूरी मानी जाएगी।
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इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने जबरन बच्ची की मांग में किशोर से सिंदूर भरवाया। गांव की महिलाओं और बच्चों के सामने पूरी घटना को अंजाम दिया गया। वायरल वीडियो में किशोर लड़की को अपने साथ ले जाते हुए दिख रहा है जबकि बच्ची बेहद सहमी और असहज नजर आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
उम्र को लेकर अलग-अलग दावे
घटना को लेकर उम्र को लेकर भी अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। ग्रामीण किशोर की उम्र करीब 12 वर्ष बता रहे हैं जबकि वायरल वीडियो में वह खुद को 16 साल का बता रहा है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि दोनों बच्चों की वास्तविक उम्र का निर्धारण दस्तावेजों और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
घटना के बाद दोनों परिवारों ने इस तथाकथित शादी को मानने से इनकार कर दिया है। परिजन का कहना है कि उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी बाद में मिली। उनका कहना है कि अगर बच्चों से कोई गलती हुई भी थी तो उसका समाधान जबरन शादी नहीं हो सकता। परिवारों ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों के दबाव में यह सब कराया गया।
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मामला तूल पकड़ने के बाद हरकत में आई पुलिस
मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस और बाल संरक्षण इकाइयां हरकत में आई हैं। शिखर चौधरी ने कहा कि वायरल वीडियो की जांच कर ली गई है और वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान भी कर ली गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून हाथ में लेने वाले सभी लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
कॉर्डिनेटर भवानी कुमारी ने बताया कि दोनों बच्चों को रेस्क्यू कर बाल संरक्षण प्रक्रिया के तहत सुरक्षित स्थान भेजा जाएगा। साथ ही आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस प्रशासन से समन्वय किया जा रहा है।