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शराब नहीं मिली तो युवक को ले गई पुलिस, छोड़ने के बदले मांगने रुपये 

मोतीहारी में घर की तलाशी के दौरान शराब नहीं मिली फिर भी पुलिस एक युवक को अपने साथ ले गई और उसे छोड़ने के बदले रुपये मांगे। मामले की जांच के बाद दरोगा समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- Gemini

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बिहार के मोतीहारी जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे हैं। आरोप है कि सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी एक घर में शराब की तलाश में पहुंचे थे। घर की तलाशी लेने के बाद भी शराब नहीं मिली लेकिन पुलिस एक युवक को अपने साथ ले गई। परिजनों का आरोप है कि युवक को छोड़ने के बदले पुलिसकर्मियों ने रुपये मांगे। मामले की जांच के बाद मोतीहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने दरोगा समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।

 

मामला संग्रामपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़ित परिवार के अनुसार, संग्रामपुर थाने के दरोगा देव मोहन सिंह सादे कपड़ों में हाथ में पिस्टल लेकर तीन सिपाहियों के साथ ओमप्रकाश के घर पहुंचे। पुलिस ने कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि घर में शराब रखी गई है। इसके बाद पुलिस ने घर के अंदर तलाशी शुरू कर दी। परिवार के लोगों ने इसका विरोध भी किया लेकिन आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें चुप करा दिया। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने घर के हर कोने की तलाशी ली लेकिन कहीं से शराब या कोई दूसरी आपत्तिजनक चीज नहीं मिली। इसके बाद भी पुलिस टीम वहां से वापस नहीं गई।

 

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युवक को साथ ले गई पुलिस

परिजनों का आरोप है कि तलाशी में कुछ नहीं मिलने के बाद पुलिस ने ओमप्रकाश को ही गाड़ी में बैठा लिया और थाने ले जाने लगी। परिवार के लोग उसे छोड़ने की गुहार लगाते रहे लेकिन पुलिस ने उनकी बात नहीं मानी। आरोप है कि रास्ते में पुलिसकर्मियों ने ओमप्रकाश को छोड़ने के बदले रुपये मांगे। परिजनों ने जब इसका विरोध किया तो उन्हें धमकाने का भी आरोप है। इसके बाद परिवार ने मोतीहारी एसपी से शिकायत की और पुलिसकर्मियों पर रुपये मांगने का आरोप लगाया।

 

मामले में स्थानीय मीडिया कर्मियों ने पुलिस से पूछा कि ओमप्रकाश के घर से कितनी शराब बरामद हुई और छापेमारी का वीडियो कहां है। आरोप है कि पुलिस की ओर से इसका कोई साफ जवाब नहीं दिया गया, न तो शराब की बरामदगी दिखाई गई और न ही कोई वीडियो सामने आया। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल और बढ़ गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने अरेराज डीएसपी कुमारी प्रियंका को जांच की जिम्मेदारी दी।

 

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जांच में शराब नहीं मिली

अरेराज डीएसपी ने पूरे मामले की जांच की। जांच में सामने आया कि ओमप्रकाश के घर से किसी भी तरह की शराब या कोई आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ था। इसके बावजूद पुलिस द्वारा युवक को गाड़ी में बैठाकर ले जाना नियमों के खिलाफ पाया गया।

 

जांच में रुपये मांगने का आरोप भी पहली नजर में सही पाया गया। इसके बाद डीएसपी ने अपनी रिपोर्ट एसपी को सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर एसपी स्वर्ण प्रभात ने दरोगा देव मोहन सिंह समेत चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबित पुलिसकर्मियों में रवीं रंजन कुमार, अभय कुमार और महिला सिपाही हेमा कुमारी शामिल हैं।


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