बिहार की राजधानी पटना में पूर्व वार्ड पार्षद अनिल यादव गोलीकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। सेंट्रल SP ममता कल्याणी ने बताया कि वार्ड पार्षद के चुनाव को लेकर चल रही पुरानी रंजिश के कारण अनिल यादव को निशाना बनाया गया था। अनिल यादव प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज से भी जुड़े थे और इलाके में सक्रिय थे। इसी चुनावी रंजिश में उनके ही मोहल्ले के शंकर राय ने राहुल साहनी से संपर्क किया और फिर अनिल यादव की हत्या की पूरी साजिश रची गई। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना में इस्तेमाल एक पिस्टल, एक कट्टा और एक ऑटो बरामद किया गया है। अन्य शूटरों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
कुछ दिन पहले पटना में पूर्व वार्ड पार्षद अनिल यादव पर दिनदहाड़े गोली चलाई गई थी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा किया है।
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चुनावी रंजिश में रची गई थी साजिश
पुलिस के मुताबिक, अनिल यादव और शंकर राय एक ही मोहल्ले के रहने वाले हैं। दोनों के बीच वार्ड पार्षद चुनाव को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों ने वार्ड पार्षद का चुनाव लड़ा था और उसी समय से दोनों के बीच दुश्मनी चल रही थी। अनिल यादव पहले वार्ड पार्षद रह चुके हैं और इलाके में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। कुछ समय पहले वह प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज से जुड़े थे और सक्रिय रूप से काम कर रहे थे।
इसी रंजिश के चलते शंकर राय ने राहुल साहनी से संपर्क किया। राहुल साहनी उर्फ नीरज इलाके का कुख्यात अपराधी है और शूटरों का नेटवर्क चलाता है। शंकर ने राहुल को अनिल यादव को रास्ते से हटाने की सुपारी दी। इसके बाद राहुल साहनी ने अनिल यादव की हत्या की पूरी साजिश रची। उसने शूटरों का इंतजाम किया, हथियार उपलब्ध कराए और घटनास्थल की रेकी कराई। पुलिस जांच में पता चला है कि वारदात से पहले कई दिनों तक अनिल यादव की गतिविधियों पर नजर रखी गई थी और उनके आने-जाने का समय भी नोट किया गया था।
शूटर अलग-अलग रास्ते से पहुंचे थे
पुलिस ने बताया कि घटना को अंजाम देने के लिए शूटरों को अलग-अलग माध्यम से घटनास्थल तक पहुंचाया गया था ताकि किसी को शक न हो। एक शूटर बाइक से मौके पर पहुंचा जबकि दो अन्य शूटरों को राहुल साहनी के स्टाफ चंदन ने ऑटो से मंदिर के पास तक पहुंचाया। ऑटो चालक शंभू ने दोनों को मंदिर के पास उतारा। इसके बाद दोनों पैदल जाकर पहले से खड़ी चोरी की बाइक से घटनास्थल तक पहुंचे।
घटनास्थल पर पहुंचते ही शूटरों ने अनिल यादव को निशाना बनाकर गोलीबारी शुरू कर दी। गोली चलने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। गोली लगने से अनिल यादव गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी शूटर अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल से खोखा भी बरामद किया था। सीसीटीवी फुटेज में भी शूटरों की गतिविधियां कैद हुई थीं।
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राहुल साहनी पर 8 से ज्यादा मामले दर्ज
सेंट्रल SP ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में साजिश में शामिल लोग और सहयोग करने वाले लोग शामिल हैं। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल एक पिस्टल, एक कट्टा और ऑटो बरामद किया है। इसी ऑटो से शूटरों को मंदिर के पास तक पहुंचाया गया था। पुलिस ने ऑटो चालक शंभू को भी गिरफ्तार किया है जिसने शूटरों को मंदिर के पास उतारा था।
उन्होंने बताया कि अन्य शूटरों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस की कई टीमें पटना के अलावा अन्य जिलों में भी छापेमारी कर रही हैं। तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर शूटरों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार करने की बात पुलिस ने कही है। SP ने कहा, 'इस कांड में जो भी शामिल है किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।'
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य साजिशकर्ता राहुल साहनी उर्फ नीरज का लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ 8 से अधिक मामले दर्ज हैं और वह 2012 से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। वह पहले भी हत्या, लूट और रंगदारी के कई मामलों में जेल जा चुका है। राहुल साहनी का स्टाफ चंदन भी पहले शूटर रह चुका है और उसके खिलाफ भी 7 मामले दर्ज हैं। चंदन राहुल साहनी का करीबी माना जाता है और उसके कई काम देखता था। पुलिस के अनुसार, शूटरों को लाने-ले जाने, हथियार पहुंचाने और रेकी करने का काम चंदन ही करता था। इस घटना में भी चंदन ने दो शूटरों को ऑटो से मंदिर के पास तक पहुंचाया था।