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पटना में छात्र-किसान संगठनों का राजभवन मार्च, 5000 से ज्यादा लोग उतरे सड़क पर

पटना में छात्र, युवा और किसान संगठनों ने गांधी मैदान से राजभवन मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने जमीन अधिग्रहण, बाढ़ राहत, बेरोजगारी और अपराध समेत कई मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया।

student and farmer protest in patna

पटना में छात्र-किसानों का प्रदर्शन, Photo Credit- Social Media

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बिहार के पटना के गांधी मैदान से सोमवार को छात्र, युवा और किसान संगठनों ने राजभवन मार्च निकाला। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF), ऑल इंडिया किसान सभा, ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (AIYF) समेत कई संगठनों के बैनर तले बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतरे। गांधी मैदान के गेट नंबर 10 से शुरू हुआ यह मार्च राजभवन की ओर बढ़ा। प्रदर्शनकारियों के हाथों में अलग-अलग मुद्दों को लेकर बैनर और पोस्टर थे। कोई मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगा रहा था तो कोई किसानों की जमीन और टाउनशिप के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रहा था। बिहार में बाढ़ और राहत व्यवस्था, बेरोजगारी और बढ़ते अपराध जैसे मुद्दों को लेकर भी लोग सड़क पर उतरे थे।

 

प्रशासन ने भी प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। गांधी मैदान से लेकर राजभवन तक जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी। दंगा नियंत्रण वाहन और वाटर कैनन तैनात किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती थी। प्रदर्शनकारी राजभवन घेराव की बात कह रहे थे वहीं पुलिस उन्हें निर्धारित सीमा से आगे जाने से रोक रही थी। ऐसे में गांधी मैदान से राजभवन तक टकराव की स्थिति बन गई।

 

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गांधी मैदान से शुरू हुआ मार्च

सुबह से ही गांधी मैदान में छात्र और किसान संगठनों के कार्यकर्ता जुटने लगे थे। गेट नंबर 10 के पास बड़ी संख्या में लोग जमा थे। हाथों में लाल झंडे, बैनर और पोस्टर थे। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के कार्यकर्ता शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर नारे लगा रहे थे तो किसान सभा के लोग जमीन अधिग्रहण के खिलाफ आवाज उठा रहे थे।

 

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दे, किसानों की जमीन और टाउनशिप के लिए जमीन अधिग्रहण, बिहार में बाढ़ और राहत व्यवस्था, बेरोजगारी और बढ़ते अपराध जैसे मुद्दे शामिल थे। महिलाओं और युवतियों के साथ छेड़खानी और अपराध की घटनाओं को लेकर भी प्रदर्शनकारियों ने सरकार से कार्रवाई की मांग की। कई महिला कार्यकर्ता भी इस मार्च में शामिल थीं जो महिला सुरक्षा के मुद्दे पर नारे लगा रही थीं।

5 हजार से ज्यादा लोग मार्च में शामिल

प्रदर्शनकारियों का दावा है कि करीब पांच हजार से ज्यादा लोग इस मार्च में शामिल हैं। महिला, पुरुष, छात्र और किसान संगठनों के कार्यकर्ता एक साथ राजभवन की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। गांधी मैदान से निकला हुजूम धीरे-धीरे जेपी गोलंबर, डाकबंगला होते हुए राजभवन की तरफ बढ़ रहा था। प्रशासन ने भी प्रदर्शन को देखते हुए गांधी मैदान से लेकर आगे तक सुरक्षा बढ़ा दी थी। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी। दंगा नियंत्रण वाहन और वाटर कैनन तैनात किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती थी। SDM, सिटी SP और कई थानों की पुलिस मौके पर मौजूद थी।

 

प्रशासन प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने गांधी मैदान के गेट पर ही बैरिकेड लगा दिया था। प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि राजभवन तक मार्च की अनुमति नहीं है लेकिन प्रदर्शनकारी राजभवन तक जाने पर अड़े थे।

 

गांधी मैदान के गेट नंबर 10 से शुरू हुआ यह मार्च राजभवन की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहा था। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर राजभवन तक पैदल मार्च और घेराव की बात कह रहे थे। हालांकि पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया था। पुलिस ने माइक से ऐलान भी किया कि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें।

 

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किसानों की जमीन और बाढ़ के मुद्दे उठाए

वहीं किसान सभा के बिहार राज्य कार्यकारिणी सदस्य प्रभाकर प्रसाद सिंह ने कहा, 'सरकार गरीबों के घरों पर बुलडोजर चला रही है और किसानों की जमीन छीन रही है। टाउनशिप के नाम पर किसानों की उपजाऊ जमीन ली जा रही है। बाढ़ में लोगों को राहत नहीं मिल रही है। बेरोजगारी और अपराध बढ़ रहा है। महिलाओं के साथ छेड़खानी हो रही है। इन्हीं मुद्दों को लेकर आज हम राजभवन मार्च कर रहे हैं। सरकार हमारी बात नहीं सुन रही है इसलिए हमें सड़क पर उतरना पड़ रहा है।'

 

वहीं पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के भी प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पप्पू यादव भी इस मार्च में शामिल होंगे और गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाने और जमीन से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठाएंगे। 

 

फिलहाल गांधी मैदान से राजभवन तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं और पुलिस प्रदर्शनकारियों को निर्धारित सीमा से आगे जाने से रोक रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस तैनात की गई है। प्रदर्शनकारी अगर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखते हैं तो उन्हें रोका नहीं जाएगा लेकिन राजभवन घेराव की अनुमति नहीं है। मौके पर अभी भी तनाव की स्थिति बनी हुई है।


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