बिहार पुलिस ने अवैध हथियारों के कारोबार के खिलाफ एक साथ दो बड़ी कार्रवाई की है। रोहतास जिले के सासाराम में पुलिस ने मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं जमुई जिले में एसटीएफ, डीआईयू और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर 4 अवैध हथियार और 23 कारतूस के साथ 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों जगहों से बरामद हथियारों और पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
सासाराम के शिवसागर थाना क्षेत्र के डिहरा गांव में गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने मौके से हथियार और उन्हें बनाने का सामान बरामद किया। छापेमारी में 4 देसी कट्टे, 2 देसी बंदूकें, कई अर्धनिर्मित कट्टे, हथियार बनाने के औजार और एक लेथ मशीन मिली। पुलिस ने मौके से हथियार बनाने वाले कारीगर नागेंद्र शर्मा को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, नागेंद्र लंबे समय से अवैध हथियार बनाकर बेचने का काम कर रहा था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने सासाराम से धनंजय कुमार को भी गिरफ्तार किया। उसके पास से एक देसी कट्टा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, धनंजय हथियारों की सप्लाई और बिक्री का काम देखता था।
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सासाराम के एसडीपीओ गौरव यादव ने बताया कि नागेंद्र और धनंजय मिलकर देसी कट्टा और बंदूक बनाकर उसे महंगे दामों पर अपराधियों को बेचते थे। पुलिस को काफी दिनों से इनकी तलाश थी। गुप्त सूचना के बाद जब शिवसागर थाना पुलिस ने डिहरा गांव में छापा मारा तो पूरा कारखाना पकड़ में आ गया। पुलिस ने लेथ मशीन, ड्रिल मशीन, पेचकस, पाइप और बारूद बनाने का कच्चा माल भी जब्त किया है। एसडीपीओ ने कहा कि इस फैक्ट्री से बनने वाले हथियार आसपास के जिलों में सप्लाई किए जाते थे। आगे की पूछताछ में और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।
4 तस्कर गिरफ्तार
उधर जमुई में पुलिस, डीआईयू और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके पास से 1 देसी मस्केट, 3 देसी कट्टा और कुल 23 कारतूस बरामद किए हैं। सभी आरोपी सिमरिया थाना क्षेत्र के विक्रमपुर गांव के रहने वाले हैं। डीएसपी अभिषेक कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि राजा बाबू उर्फ राजा कुमार उर्फ प्रदीप अवैध हथियार और कारतूस जमा कर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद जमुई थाना, डीआईयू और एसटीएफ की टीम ने छापेमारी कर राजा बाबू को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में राजा बाबू ने बताया कि हथियार और कारतूस सुमन कुमार उर्फ पप्पू पासवान के पास रखे हुए हैं। इसके बाद पुलिस ने सुमन को भी दबोच लिया। सुमन ने पूछताछ में बताया कि एक देसी मस्केट और कारतूस चंदन कुमार उर्फ कृष्ण साव के पास है जबकि 3 देसी कट्टा और कारतूस बजरंगी कुमार उर्फ छोटू उर्फ शंकर पाण्डेय के पास रखे हैं। इसके बाद पुलिस ने दोनों के ठिकानों पर छापा मारा। चंदन कुमार के घर से 1 देसी मस्केट और 15 कारतूस बरामद हुए। वहीं बजरंगी कुमार के घर से 3 देसी कट्टा और 8 कारतूस मिले। इस तरह पुलिस ने कुल 4 अवैध हथियार और 23 कारतूस जब्त किए।
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हथियारों के नेटवर्क की जांच तेज
डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राजा बाबू उर्फ प्रदीप का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ जमुई थाने में कई मामले दर्ज हैं। इसके अलावा एससी, एसटी थाना में भी कांड दर्ज है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सासाराम और जमुई दोनों जगह बरामद हथियारों के तार आपस में जुड़ सकते हैं। सासाराम की मिनी गन फैक्ट्री में बनने वाले हथियार जमुई और आसपास के जिलों में सप्लाई किए जाते थे।
एसडीपीओ गौरव यादव ने कहा कि नागेंद्र से पूछताछ में कई और नाम सामने आए हैं। पुलिस उन ठिकानों पर भी छापेमारी कर रही है जहां हथियारों की सप्लाई होती थी। वहीं जमुई के डीएसपी अभिषेक कुमार ने कहा कि गिरफ्तार चारों आरोपियों से पूछताछ जारी है। उनसे यह भी पता लगाया जा रहा है कि हथियार किसे बेचने थे और पैसे का लेनदेन कैसे होता था।