बिहार लोक सेवा आयोग की AEDO परीक्षा में हुई धांधली के मामले में आर्थिक अपराध इकाई ने बड़ी कार्रवाई की है। ईओयू ने कंकड़बाग स्थित रघुनाथ उच्च बालिका विद्यालय में तैनात बायोमेट्रिक ऑपरेटर अतुल राज पांडे को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सॉल्वर गैंग और मैनेज्ड परीक्षा केंद्रों से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। ईओयू ने बताया कि 18 अगस्त को अतुल राज पांडे को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे बेऊर जेल भेज दिया गया। मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए जांच तेज कर दी गई है।
ईओयू को सूचना मिली थी कि कंकड़बाग के रघुनाथ उच्च बालिका विद्यालय में AEDO परीक्षा के दौरान गड़बड़ी की गई है। जांच के दौरान बायोमेट्रिक ऑपरेटर अतुल राज पांडे और उसकी सहकर्मी दीपिका कुमारी पर शक हुआ। तलाशी में दीपिका कुमारी के मोबाइल फोन से AEDO परीक्षा से संबंधित कई साक्ष्य मिले। वहीं अतुल का मोबाइल फोन भी परीक्षा केंद्र से जब्त किया गया। दोनों फोन की जांच के बाद ईओयू ने अतुल राज पांडे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ में उसने कई अहम जानकारियां दीं। इसके बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
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कई परीक्षाओं में कर चुका है काम
ईओयू की जांच में सामने आया है कि अतुल कोई नया नाम नहीं है। वह पहले भी विभिन्न एजेंसियों और बायोमेट्रिक कंपनियों के साथ कई प्रतियोगिता परीक्षाओं में बायोमेट्रिक ऑपरेटर के रूप में तैनात रह चुका है। अधिकारियों के अनुसार अतुल ने इन कंपनियों को मानवबल की आपूर्ति भी की थी। यानी वह सिर्फ ऑपरेटर ही नहीं बल्कि बायोमेट्रिक कर्मियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने का काम भी करता था। ईओयू अब यह पता लगा रही है कि अतुल ने किन-किन परीक्षाओं में ड्यूटी की और कहां-कहां गड़बड़ी की संभावना है।
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में ईओयू को सॉल्वर गैंग से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। अतुल ने बताया कि कैसे कुछ परीक्षा केंद्रों को मैनेज किया जाता था और वहां बैठकर सॉल्वर अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देते थे। बायोमेट्रिक सिस्टम से छेड़छाड़ कर फर्जी अभ्यर्थियों को अंदर भेजने और असली अभ्यर्थी को बाहर रखने की पूरी चेन का भी खुलासा हुआ है। ईओयू के अधिकारियों का कहना है कि इस रैकेट में बायोमेट्रिक कंपनियों, परीक्षा केंद्र के कर्मियों और बाहर बैठे गिरोह के लोग शामिल हैं। फिलहाल ईओयू इन सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है और अन्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
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ईओयू पूरे परिक्षा नेटवर्क की जांच में जुटी
ईओयू ने कहा है कि प्रतियोगिता परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक कराने और फर्जी तरीके से अभ्यर्थियों को पास कराने वाले गिरोहों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। ऐसे गिरोह आर्थिक लाभ के लिए परीक्षाओं की पवित्रता से खिलवाड़ कर रहे हैं। आर्थिक अपराध इकाई के एक अधिकारी ने बताया कि मामले के अन्य पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों और समूहों की भूमिका का सत्यापन किया जा रहा है। जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
BPSC की परीक्षाओं में लगातार धांधली के मामले सामने आने से अभ्यर्थियों में नाराजगी है। AEDO परीक्षा में भी गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही थीं। ईओयू की इस कार्रवाई के बाद माना जा रहा है कि आयोग आगे से बायोमेट्रिक और सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी करेगा। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि दोषियों को कड़ी सजा दी जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। फिलहाल ईओयू अतुल राज पांडे के मोबाइल, कॉल डिटेल और बैंक लेनदेन की जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।