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सुपौल के मदरसे में बंटा मिठाई-समोसा, 4 छात्राएं बीमार, एक की मौत

सुपौल के एक निजी मदरसे में मिठाई और समोसा खाने के बाद चार छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। इलाज के दौरान एक छात्रा की मौत हो गई। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- Gemini

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बिहार के सुपौल जिले के बसबिट्टी में एक निजी मदरसे में मंगलवार को मिठाई और समोसा खाने के बाद चार छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। सभी को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 10 वर्षीय छात्रा अल्फिशा की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मदरसे पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।

 

बताया गया कि अल्फिशा की मां अपनी बेटी से मिलने मदरसे आई थीं। वह अपने साथ मिठाई और समोसा लेकर आई थीं। इन्हें खाने के कुछ देर बाद चार छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि छात्राओं की तबीयत खराब होने और अल्फिशा की मौत की वजह यही खाना था। पुलिस और प्रशासन सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रहे हैं।

 

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मिठाई-समोसा खाने के बाद बिगड़ी तबीयत

सदर थाना क्षेत्र के बसबिट्टी वार्ड नंबर 19 में जामियअतुस सालिहात एजुकेशनल ट्रस्ट की ओर से निजी मदरसा चलाया जाता है। मदरसा प्रबंधन के अनुसार, यहां करीब 60 से 65 छात्राएं रहकर पढ़ाई करती हैं। यह संस्था करीब दो साल से चल रही है। मदरसा संचालक खलील रहमान के अनुसार, अल्फिशा की मां अपनी बेटी से मिलने पहुंची थीं। उन्होंने बच्ची को मिठाई और समोसा दिया और वहां से चली गईं। इसके बाद इन चीजों को खाने वाली चार छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई। 

 

बीमार होने वाली छात्राओं में आफिया, सहाना खातून, हलीमा सादिया और अल्फिशा शामिल थीं। सभी को इलाज के लिए सुपौल शहर के अलग-अलग अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान नेमुआ निवासी कमरे आलम की 10 वर्षीय बेटी अल्फिशा की मौत हो गई। बताया गया कि वह करीब डेढ़ से दो साल से मदरसे में रहकर पढ़ाई कर रही थी। घटना की जानकारी मिलते ही मदरसे में हड़कंप मच गया। 

 

पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने की बात कही लेकिन अल्फिशा के परिजनों ने इससे इनकार कर दिया। मिठाई और समोसा खाने के बाद एक साथ चार छात्राओं की तबीयत बिगड़ने से खाने की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि छात्रा की मौत और बाकी छात्राओं की तबीयत खराब होने की वजह वही खाना था।

पुलिस ने मदरसे में की पूछताछ

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मदरसे पहुंची। अधिकारियों ने परिसर का निरीक्षण किया और संचालक व वहां मौजूद शिक्षकों से घटना की जानकारी ली। सदर एसडीपीओ ने भी मदरसा प्रबंधन से पूछताछ की। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि छात्राओं की तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी, उन्होंने क्या खाया था और भोजन की गुणवत्ता कैसी थी।

 

एसपी शरथ आरएस ने बताया कि पुलिस को बसबिट्टी स्थित मदरसे में पढ़ने वाली एक बच्ची की मौत की सूचना मिली थी। एक अन्य बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दो-तीन अन्य बच्चों के भी अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिली है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। डॉक्टरों से बातचीत और जांच के बाद ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने की सही वजह सामने आएगी।

 

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एसीडीओ ने मदरसे का जायजा लिया

मामला सिर्फ छात्राओं के बीमार होने तक सीमित नहीं है। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि मदरसे में इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं को रखने की अनुमति थी या नहीं और रहने-खाने से जुड़े नियमों का पालन हो रहा था या नहीं। सदर एसडीएम मनोहर कुमार साह ने बताया कि सूचना मिलने के बाद वह एसडीपीओ और थाना प्रभारी के साथ मदरसे पहुंचे। उनके अनुसार, मदरसे में बड़ी संख्या में छात्राएं रह रही हैं। 

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम सावन कुमार के निर्देश पर जिला शिक्षा कार्यालय की टीम भी मदरसे पहुंची। टीम ने संस्था से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी ली और छात्राओं के रहने की व्यवस्था और वहां उपलब्ध सुविधाओं को देखा। जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से डीपीओ समेत संबंधित अधिकारी मदरसे के दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं।

 

सदर डीएसपी के अनुसार, शुरुआती जांच में मामला फूड प्वाइजनिंग का लग रहा है। हालांकि एक छात्रा की मौत होने के बाद सिर्फ शुरुआती जांच के आधार पर अंतिम कारण बताना संभव नहीं है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा कि छात्राओं की तबीयत बिगड़ने और अल्फिशा की मौत की असली वजह क्या थी।


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