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'प्रेग्नेंट करो, 13 लाख पाओ', खेतों से चल रहा था रैकेट, नालंदा में 6 दबोचे गए

बिहार के नालंदा में खेतों से ही एक ऐसा रैकेट चल रहा था जो कि महिलाओं के प्रेग्नेंट करने के बदले रुपये कमाने का ऑफर दे रहा था।

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प्रतीकात्मक तस्वीर । Photo Credit: AI Generated

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संजय सिंह, पटना। गर्भवती करो, 13 लाख रुपए दूंगी जैसे चौंकाने वाले और लुभावने ऑफर के नाम पर देशभर के युवकों को ठगने वाली साइबर गैंग का सनसनीखेज पर्दाफाश हुआ है। नालंदा जिले के कतरीसराय थाना क्षेत्र में पुलिस ने सुनसान चंवर में छापेमारी कर एक नाबालिग समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। नाबालिग को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है, जबकि पांच अन्य आरोपियों को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। 

 

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फेसबुक पर ‘ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब’ नाम से फर्जी पेज बना रखा था। इस पेज के जरिए व्हाट्सएप नंबर साझा कर युवकों को संपर्क करने के लिए उकसाया जाता था। विज्ञापन में दावा किया जाता था कि जो भी पुरुष पसंद की लड़की को गर्भवती करेगा, उसे पांच से 13 लाख रुपये तक का भुगतान किया जाएगा। इस चौंकाने वाले प्रस्ताव के जरिए बेरोजगार और लालच में आने वाले युवकों को जाल में फंसाया जाता था।

 

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फीस के नाम पर वसूली जाती थी मोटी रकम 

गिरोह के सदस्य पहले आकर्षक लड़कियों और महिलाओं की तस्वीरें भेजकर शिकार से उसकी चॉइस पूछते थे। जैसे ही कोई तस्वीर पसंद की जाती, रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर मोटी रकम ऐंठ ली जाती। इसके बाद भी ठगी का सिलसिला खत्म नहीं होता था। दोबारा कॉल कर सिक्योरिटी फीस, सर्विस चार्ज और जीएसटी के नाम पर पांच हजार से 20 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। व्हाट्सएप चैट और ऑडियो कॉल के जरिए भरोसा जीतकर शिकार को हनीट्रैप में उलझाया जाता था। हैरान करने वाली बात यह है कि यह पूरा साइबर नेटवर्क किसी आधुनिक ऑफिस या कॉल सेंटर से नहीं, बल्कि सुनसान खेतों और पगडंडियों से संचालित हो रहा था। 12 फरवरी 2026 को नियमित पेट्रोलिंग के दौरान एएसआई रूदल पासवान को गुप्त सूचना मिली कि सुंदरपुर और बरीठ गांव के चंवर में कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियों में लगे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम दोपहर करीब 2:10 बजे मौके पर पहुंची।

आपत्तिजनक सामग्री बरामद

पुलिस को देखते ही अलग अलग झुंड में बैठे युवक खेतों की पगडंडियों से भागने लगे, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर सभी को दबोच लिया। तलाशी के दौरान जब्त किए गए स्मार्टफोन में कई महिलाओं की तस्वीरें, वीडियो क्लिप और फर्जी विज्ञापन सामग्री मिली है। प्रारंभिक जांच में देश के विभिन्न राज्यों के युवकों से ठगी किए जाने के संकेत मिले हैं। पुलिस अब जब्त मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैल रहे इस तरह के आपत्तिजनक और अवैध ऑफरों से सावधान रहने की जरूरत है। लालच और झूठे सपनों का सहारा लेकर साइबर अपराधी युवाओं को निशाना बना रहे हैं।

 

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यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर अपराधी किस तरह नए-नए हथकंडे अपनाकर लोगों की मेहनत की कमाई पर डाका डाल रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी संदिग्ध ऑफर की जानकारी तुरंत नजदीकी थाना या साइबर हेल्पलाइन पर दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।



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