स्थानीय स्तर के चुनाव में एक बार फिर से धुर विरोधियों के साथ आने का मामला सामने आया है। गुजरात के भरूच जिले की नेतरांग तालुका पंचायत के चुनाव में इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस ने ही गठबंधन कर लिया। इसकी वजह थी कि इन दोनों को आम आदमी पार्टी (AAP) को हराना था जबकि सबसे ज्यादा सीटें AAP की ही आई थीं। इस गठबंधन की बदौलत ही बीजेपी चेयरमैन और कांग्रेस ने वाइस चेयरमैन पद का चुनाव जीत लिया। सबसे ज्यादा सीटें जीतकर भी AAP यहां की सत्ता से बाहर ही रही।
नेतरांग तालुका पंचायत की कुल 16 में से 8 सीटों पर AAP को जीत मिली थीं लेकिन बहुमत के लिए 9 सीटें चाहिए थीं। इसी एक सीट की कमी ने AAP की मुश्किल बढ़ा दी। हुआ कुछ यूं कि AAP के एक सदस्य का निधन हो गया और उसकी सीटों की संख्या 7 पर आ गई। अब 7 सीटें जीतने वाली बीजेपी और सिर्फ एक सीट जीतने वाली कांग्रेस ने हाथ मिलाया और बाजी पलट दी।
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टेंशन वाला था माहौल
सोमवार को हुए चुनाव के दौरान AAP और BJP समर्थकों के बीच माहौल गरम था और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी। जब नेतरांग तालुका पंचायत में चुनाव की प्रक्रिया शुरू होनी थी तब AAP के सदस्य विशेष सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में वहां तक पहुंचे।
बीजेपी ने इस बाजी को पलटने के लिए बड़ा दांव खेला। उसे पता था कि अगर किसी भी सूरत में कांग्रेस के सदस्य को अपने साथ ले लिया जाए तो बात बन सकती है। मौका देख बीजेपी ने कांग्रेस के इकलौते सदस्य को वाइस चेयरमैन का पद ऑफर कर दिया। कांग्रेस की नयना प्रजापति वाइस चेयरमैन चुनी गईं और उनके ही वोट के समर्थन से बीजेपी के मगन वसावा अध्यक्ष पद का चुनाव जीत लिया।
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गुजरात में AAP का जोश हाई
बता दें कि इस बार गुजरात के पंचायत चुनाव में AAP का प्रदर्शन सुधरा है। नर्मदा जिले में AAP का जिलाध्यक्ष बना है। साथ ही, जिले के 6 में 4 तालुकों में भी AAP को ही जीत मिली है। अगर पूरे राज्य की बात करें तो AAP के मुताबिक, उसने कुल 5244 सीटों पर चुनाव लड़ा जिसमें 500 से ज्यादा सीटों पर उसे जीत मिली है। कुल 1500 से ज्यादा सीटों पर उसके उम्मीदवार दूसरे नंबर पर रहे। इसी के आधार पर AAP का दावा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भी उसका प्रदर्शन बेहतर होने वाला है।