संजय सिंह, पटना: बिहार के सीवान जिले में एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। एक मामूली सड़क विवाद में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता मनोज कुमार सिंह के बहनोई और भांजे पर सरेआम फायरिंग कर दी गई। इस फायरिंग में मनोज सिंह के भांजे हर्ष की मौत हो गई और बहनोई चंदन सिंह की हालत गंभीर है। घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल है और जांच जारी है। बताया जा रहा है कि सड़क पर हुई बहसबाजी के चलते यह घटना हुई है।
सीवान के नगर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर आंदर ढाला ओवरब्रिज के पास दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। एक छोटी सी टक्कर ने ऐसा हिंसक मोड़ लिया कि एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी, जबकि दूसरा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। मृतक की पहचान हर्ष कुमार सिंह के रूप में हुई है, जो बीजेपी नेता और पूर्व एमएलसी मनोज कुमार सिंह के भांजे थे। वहीं इस घटना में उनके बहनोई चंदन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद उन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया लेकिन हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच रेफर कर दिया।
तिलक समारोह में जा रहे थे पिता-पुत्र
बताया जा रहा है कि हर्ष कुमार सिंह अपने पिता चंदन सिंह के साथ एक तिलक समारोह में शामिल होने जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने अपनी गाड़ी सड़क किनारे खड़ी कर दी और अन्य परिजन का इंतजार करने लगे। इसी दौरान उनकी गाड़ी की एक अन्य वाहन से हल्की टक्कर हो गई। आमतौर पर ऐसे विवाद बातचीत से सुलझ जाते हैं लेकिन यहां मामला तेजी से बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते गाली-गलौज और फिर हिंसा में बदल गई। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि एक पक्ष ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा और वहां अफरा-तफरी मच गई।
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इस अंधाधुंध फायरिंग में हर्ष कुमार सिंह को कई गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं चंदन सिंह भी गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है। लोग दहशत में हैं और इलाके में भय का माहौल बना हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया।
जांच करने पहुंचे SP
घटना की सूचना मिलने के बाद एसपी पूरन कुमार झा, एसडीपीओ अजय कुमार और नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार मौके पर पहुंचे और पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके अलावा पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर भी घायलों की स्थिति का जायजा लिया। पुलिस का कहना है कि हमलावरों की पहचान करने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में इसे रोड रेज का मामला माना जा रहा है लेकिन पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
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अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि समाज में बढ़ती असहिष्णुता और गुस्से का भी संकेत है। मामूली बातों पर हिंसा का सहारा लेना एक खतरनाक प्रवृत्ति बनती जा रही है। सीवान की इस घटना ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि आखिर सड़कों पर लोगों का गुस्सा कब काबू में आएगा।
फिलहाल इलाके में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है लेकिन इस दर्दनाक घटना ने लोगों के दिलों में डर जरूर बैठा दिया है, जिसे खत्म करने के लिए सख्त कार्रवाई और बेहतर कानून व्यवस्था की जरूरत साफ तौर पर महसूस की जा रही है।