उत्तर प्रदेश के मलिहाबाद की भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक जय देवी कौशल ने लखनऊ के काकोरी में एक मंदिर के कार्यक्रम के दौरान गंभीर आरोप लगाए हैं। यह कार्यक्रम शीतला माता मंदिर के भूमि पूजन के लिए रखा गया था। पासी समुदाय से आने वाली विधायक ने कहा कि वहां उनका अपमान हुआ है। उन्हें अपनी सीट पर बैठने नहीं दिया गया है। उन्होंने इस मामले में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग की है।
विधायक जय देवी कौशल ने शीतला माता मंदिर को ठीक करवाने के लिए सरकार से 78 लाख रुपये मंजूर करवाए थे। इसके अलावा उन्होंने एक दूसरे मंदिर के लिए भी 70 लाख रुपये पास करवाए थे। बुधवार को जब मंदिर में भूमि पूजन का कार्यक्रम हुआ तो विधायक मुख्य अतिथि के तौर पर वहां पहुंची थीं। कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने पर उन्हें पता चला कि उनकी निर्धारित सीट पर कुछ अन्य लोगों ने कब्जा कर लिया है। इस वजह से वह अपनी जगह पर बैठ नहीं सकीं।
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पति कौशल किशोर का बयान
विधायक के पति और पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने इस पूरी घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा, 'कार्यक्रम में बाधा डालने वाले लोग वही हैं, जो पहले भी इस मंदिर से जुड़े एक पुराने झगड़े में शामिल थे।' उन्होंने कहा, 'उन लोगों पर पहले से ही कानूनी मामला दर्ज है।' उन्होंने इसे एक चुनी हुई महिला विधायक का अपमान बताया है। उन्होंने इसे पुरानी जातिगत दुश्मनी का मामला कहा है। कौशल किशोर ने साफ किया कि वह इसकी शिकायत मुख्यमंत्री और पार्टी के बड़े नेताओं से करेंगे।
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कांग्रेस पार्टी का तीखा हमला
इस पूरे मामले पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेता अजय कुमार 'लल्लू' ने बीजेपी सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार में ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के करीबी कुछ लोग समाज में छुआछूत और भेदभाव को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा, 'वर्ष 2017 में जब मुख्यमंत्री आवास को 'गंगा जल' से धोया गया था, तभी से ऐसी सोच को बढ़ावा मिल रहा है।'