भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह कई बार अपनी ही पार्टी के लिए फजीहत खड़ी कर देते हैं। कभी वह सवर्णों के मुद्दों पर सवाल उठाते हैं तो कभी संगठन को लेकर खिंचाई कर देते हैं। इस बार उन्होंने यूपी के मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ
के एक बयान के जवाब में यह कह दिया था कि हनुमानगढ़ी में कभी नमाज नहीं पढ़ी गई। अब वह इसी पर माफी मांगते दिख रहे हैं और उनका कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बात काटने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उनका यह भी कहना है कि उनके बयान को ऐसा बताकर पेश किया गया जैसे वह मुख्यमंत्री की बात काट रहे हों।
इससे पहले, एक जनसभा के दौरान योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा था कि उसके जमाने में तो हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों में नमाज पढ़ी गई थी। उनका यह बयान तेजी से वायरल हुआ था और समाजवादी पार्टी ने इसे झूठ बताया था। इसी को लेकर जब बृजभूषण सिंह से सवाल पूछा गया था तो उन्होंने कह दिया था कि यह बात छूठ है।
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अब क्या बोले बृजभूषण शरण सिंह?
अपने बयान पर सफाई देते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है, 'देखिए, मुझसे जब मीडिया के लोगों ने प्रश्न किया था कि हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ी गई कि नहीं। मैंने कहा- नहीं। हां, मुझे यह कहना चाहिए था कि सीढ़ियों पर नहीं पढ़ी गई लेकिन परिसर में पढ़ी गई या 52 बीघे के अंदर पढ़ी गई। जब मेरे सामने सवाल आया कि क्या सीढ़ियों पर नमाज पढ़ी गई तो मेरे मन को बहुत बड़ा झटका लगा कि आज यह बात आ रही है तो मैंने इसे सिरे से नकार दिया।'
उन्होंने आगे कहा, 'एक तरह से मुख्यमंत्री जी का भी बयान सही है और अयोध्या के संतों का बयान भी सही है और मेरा भी बयान सही है। मैंने यही कहा था कि हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज नहीं पढ़ी गई। अच्छा होता कि मैं यह कह देता कि 52 बीघे के परिसर में नमाज पढ़ी गई। अगर मैं कह देता तो शायद इस मामले को इतना उछाला ना गया होता। मीडिया ने इसे तोड़-मरोड़कर यह दिखाया कि मैं मुख्यमंत्री जी की बात काट रहा हूं। मुख्यमंत्री जी की बात काटने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता, मेरी ऐसी कोई भावना भी नहीं थी।'
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अलग-अलग तरह से दी सफाई
उन्होंने यह भी कहा था कि हनुमानगढ़ी का निर्माण एक मुस्लिम ने करवाया। अब इस बयान पर भी बृजभूषण सिंह ने कहा है, 'मेरे मुंह से निकला कि इसका निर्माण एक मुस्लिम ने कराया है लेकिन यह आधी-अधूरी बात है। जो अयोध्या महात्म्य है, उसे हम देखें तो भगवान शिव ने पार्वती जी से चर्चा करते हुए कहा है कि उत्तर तरफ हनुमान जी और दक्षिण तरफ सुग्रीव जी विराजमान हैं। जब भगवान शिव जी इसके बारे में बता रहे हैं तो इसका निर्माण किसी ने नहीं कराया है।'
उन्होंने आगे मुगलों के इतिहास आदि का जिक्र करके कई सारी बातें कहीं। उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर ऐसी जानकारी मौजूद है कि मुस्लिमों ने इसका निर्माण कराया। बृजभूषण ने यह भी कहा है कि अगर उनके बयान से किसी को दुख पहुंचा है तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं।
पहले क्या बोले थे बृजभूषण सिंह?
योगी आदित्यनाथ के बयान पर सवाल पूछे जाने के बाद बृजभूषण सिंह ने कहा था, 'कभी नमाज नहीं पढ़ी गई। यह गलत है कि हनुमानगढ़ी पर नमाज पढ़ी गई। उनको मालूम होना चाहिए कि इस हनुमानगढ़ी का निर्माण एक मुसलमान ने ही करवाया था और आज भी वहां एक पत्थर लगा हुआ है।'
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बता दें कि इसी मामले पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने भी कहा था कि योगी आदित्यनाथ साबित करके दिखाएं कि कब हनुमानगढ़ी की सीढ़ी पर नमाज पढ़ी गई? उन्होंने कहा था कि या तो साबित करें या फिर झूठ बोलने के लिए गद्दी छोड़ें। इसी मामले पर
अखिलेश यादव
ने भी कुछ वीडियो जारी करके योगी आदित्यनाथ को जवाब दिया था और यह मामला तूल पकड़ने लगा था।