राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच शुक्रवार को दूसरी बार सीएम योगी आदित्यानाथ पहुंचे अयोध्या। उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जो लोग आज अयोध्या में आस्था की बात कर रहे हैं, उन्होंने कभी हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाने का पाप किया था। CMयोगी ने सवाल पूछा कि क्या कोई जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ कर पाएगा? अयोध्या के बीकापुर में सरकारी योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने पहुंचे
योगी आदित्यनाथ
ने इस मौके पर अपने विरोधियों को भी जमकर खरी-खोटी सुनाई।
योगी आदित्यनाथ ने सपा और कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए कहा, 'क्या कोई जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ कर पाएगा? क्या सरकारें ऐसा करवा पाएंगी? क्या समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ऐसा करवा पाएंगी? अगर नहीं तो फिर अयोध्या में हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप क्यों कराया गया?' बता दें कि सीएम योगी अयोध्या के बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में 432 करोड़ से ज्यादा लागत की कुल 217 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकापर्ण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। हालांकि योगी आदित्यानाथ राम मंदिर में दान से जुड़े चोरी मामले में बताते हैं कि आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया गया हैं।
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सपा और कांग्रेस पर खूब बरसे CM योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्य कहा, 'आज अयोध्या अनोखे और शानदार शहर के रूप में विकसित हो रहा है। प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी
के विचारों के मुताबिक, अयोध्या अब सौर ऊर्जा आधारित शहर बन चुका है और देश के प्रमुख शहरों में अपनी अलग पहचान बना रहा है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने राम मंदिर निर्माण के समय बाधाएं खड़ी कीं, भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए और रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं। हालांकि डबल इंजन की सरकार बनने के बाद राम मंदिर का निर्माण संभव हुआ। इसका बाद योगी ने कहा, 'उन्होंने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप किया और हमने अयोध्या को स्वच्छ, सुंदर और सनातन धर्म की राजधानी के रूप में पुनः स्थापित करने का कार्य किया है।'
बता दें कि राम मंदिर में दान और चढ़ावे के चोरी के आरोपों को लेकर विपक्ष ने सरकार और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर सवाल उठाए हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष
अखिलेश यादव
ने सबसे पहले इस मुद्दे को पब्लिक पहलू के रूप से उठाया था। साथ ही, 19 जून को जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या आए थे, तब उन्होंने रामभक्तों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा था कि विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी।
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अभी तक राम मंदिर में दान से जुड़े मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया गया है। साथ ही, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्र के इस्तीफे को भी मंजूर किया जा चुका हैं।