उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 12 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी मोनू को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। रविवार रात चेकिंग के दौरान पुलिस टीम की बदमाशों से मुठभेड़ हुई। दोनों तरफ से हुई फायरिंग में मोनू को गोली लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ में पुलिस के एक दरोगा और कांस्टेबल भी घायल हुए हैं। पुलिस ने मौके से अवैध पिस्टल, मैगजीन, कारतूस और बिना नंबर की बाइक बरामद की है।
पुलिस के मुताबिक रविवार रात पुलिस टीम और स्वाट टीम क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान छपरावत गांव के पास बाइक सवार दो संदिग्ध नजर आए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो दोनों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग से पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई की।
पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश को गोली लगी, जबकि दूसरा बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। घायल बदमाश की पहचान मोनू के रूप में हुई। पुलिस टीम ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिसकर्मियों के बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी गोलियां
मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम पर बदमाशों की ओर से कई राउंड फायरिंग की गई। स्वाट टीम के दरोगा संदीप कुमार और कांस्टेबल नरेंद्र कुमार घायल हुए हैं। इसके अलावा गुलावठी कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र कुमार शर्मा और सिकंदराबाद कोतवाली प्रभारी शैलेंद्र प्रताप सिंह के बुलेटप्रूफ जैकेट में भी गोलियां लगीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर पुलिसकर्मियों ने समय रहते मोर्चा नहीं संभाला होता तो बड़ा नुकसान हो सकता था। मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया गया और फरार बदमाश की तलाश शुरू कर दी गई।
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चार जिलों में दर्ज थे सात आपराधिक मुकदमे
पुलिस के अनुसार मुठभेड़ में मारा गया मोनू शातिर अपराधी था। उसके खिलाफ चार जिलों में सात आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। दुष्कर्म और हत्या के मामले में फरार होने के बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।मौके से पुलिस को .32 बोर की अवैध पिस्टल, दो मैगजीन, जिंदा कारतूस और बिना नंबर की बाइक मिली है। पुलिस अब बरामद हथियारों की भी जांच करा रही है।
12 वर्षीय बच्ची की हत्या के बाद से फरार था मोनू
पुलिस के मुताबिक एक अगस्त को 12 वर्षीय बच्ची का शव चौला स्टेशन के पास मिला था। जांच में बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की बात सामने आई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी थी।घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों में भारी आक्रोश था। पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए कई टीमें लगाई थीं। इसी दौरान मोनू की पहचान मुख्य आरोपी के रूप में हुई और उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।
मुठभेड़ के दौरान मोनू का एक साथी मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस अब उसकी तलाश में आसपास के इलाकों में दबिश दे रही है। आने-जाने वाले रास्तों और संभावित ठिकानों की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। साथ ही मुठभेड़ की पूरी घटना, बरामद हथियार और मौके से मिले साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
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गलत संगत ने मोनू को अपराध की राह पर पहुंचाया
मोनू के भाई सूरज ने बताया कि वह गलत संगत में पड़कर अपराध की राह पर चला गया था। परिवार के लोगों के समझाने के बावजूद उसने अपना व्यवहार नहीं बदला। भाई ने कहा कि अपराध की दुनिया में जाने का आखिरकार यही अंजाम होता है। पुलिस अब मोनू के आपराधिक इतिहास के साथ उसके संपर्क में रहे लोगों की भी जानकारी जुटा रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बच्ची की हत्या के मामले में उसके साथ और कौन लोग शामिल थे और फरार साथी की भूमिका क्या थी।