सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने के अभियान के तहत सोमवार को सीतामढ़ी शहर के रिंग बांध इलाके में उस समय लोगों की भारी भीड़ जुट गई, जब प्रशासनिक टीम बुलडोजर लेकर बिहार सरकार की समाज कल्याण मंत्री एवं शिवहर से JDU विधायक श्वेता गुप्ता के आवास परिसर पर पहुंची। मंत्री के आवास से जुड़े हिस्से पर हुई कार्रवाई की खबर फैलते ही पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बन गया।
प्रशासन की मौजूदगी में सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुलडोजर चलाकर उस हिस्से को हटाया गया, जो रिंग बांध चौड़ीकरण परियोजना की जद में आ रहा था। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और बांध विस्तार कार्य को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए की गई।
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मंत्री के परिवार ने किया सहयोग
इस दौरान सबसे खास बात यह रही कि मंत्री परिवार ने कार्रवाई का विरोध करने के बजाय प्रशासन का सहयोग किया। मौके पर मौजूद लोगों ने देखा कि मंत्री के पति डॉ. वरुण कुमार स्वयं मौजूद रहे और बाउंड्रीवाल हटाने की प्रक्रिया में सहयोग करते नजर आए।
क्या बोले मंत्री के पति?
डॉ. वरुण कुमार ने कहा कि रिंग बांध के चौड़ीकरण का कार्य जनहित में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि परियोजना के दायरे में उनकी बाउंड्रीवाल भी आ रही थी, इसलिए उन्होंने स्वयं खड़े होकर उसे हटवाया। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन की मदद करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। चाहे आम व्यक्ति हो या जनप्रतिनिधि, सभी को कानून और विकास कार्यों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
उन्होंने लोगों से भी अपील की कि विकास योजनाओं में बाधा बनने के बजाय प्रशासन का सहयोग करें। उनके इस कदम की स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा हो रही है और कई लोगों ने इसे कानून के समक्ष समानता तथा जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही का सकारात्मक उदाहरण बताया।
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बिना भेदभाव के हो रही है कार्रवाई
प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार, पूरी प्रक्रिया नियमानुसार संपन्न की गई है। विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद यह और स्पष्ट हो सकेगा कि प्रभावित क्षेत्र का दायरा कितना था और परियोजना के तहत आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
इस कार्रवाई ने एक संदेश जरूर दिया है कि विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में कानून सभी के लिए समान है। यही कारण है कि इस घटना को लेकर शहर में चर्चा के साथ-साथ प्रशासनिक निष्पक्षता और जवाबदेही की भी सराहना हो रही है।