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मोतीहारी में कार में छिपाकर ले जा रहे थे 40 लाख का गांजा, 3 तस्कर गिरफ्तार

बिहार के मोतिहारी में पुलिस ने 40 लाख का गांजा पकड़ा गया है। तस्कर गांजे को कार के अंदर बने एक गुप्त तहखाने में ले जा रहे थे। पुलिस ने तस्करी गिरोह के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार करके आगे की जांच कर रही है।

मोतीहारी में पुलिस ने गांजे के 17 पैकेट जब्त किए हैं

सांकेतिक तस्वीर, Photo Credit- ChatGPT

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बिहार के मोतिहारी में पुलिस ने गांजा तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। हरसिद्धि थाना क्षेत्र में गाड़ियों की जांच के दौरान पुलिस ने एक लक्जरी कार से 58.93 किलो नेपाली गांजा बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय मार्केट में जब्त किए गांजे की कीमत लगभग 40 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। तस्कर गांजे को कार के पीछे वाले सीट में बने तहखाने और बैक लाइट के कवर में छिपाकर ले जा रहे थे। पुलिस ने कुल 17 पैकेट गांजा बरामद किया है। पुलिस को एक टिप मिली थी जिससे वह इन तस्करों को पकड़ने में कामयाब हो गई। 

 

पुलिस ने बताया कि गांजे की यह बड़ी खेप नेपाल के रक्सौल बॉर्डर से होते हुए अरेराज की तरफ ले जाई जा रही थी। जब पुलिस को यह गुप्त सूचना मिली तो वह उसने हर गुजरने वाले वाहन जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान एक काले रंग की महिंद्रा XUV-500 को रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस को यह बड़ी कामयाबी मिली। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस धंधे से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

 

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सीट के नीचे बना रखा था तहखाना

पुलिस ने कार की तलाशी ली तो बीच और पीछे की सीट के नीचे एक लोहे का तहखाना मिला। इसके अलावा बैक लाइट के कवर के अंदर भी गांजा छिपाकर रखा गया था। तालाशी के दौरान पुलिस को इन जगहों से गांजे के 17 पैकेट बरामद किए। पुलिस ने बताया कि तस्करों ने कार में इस तरह बदला था कि बाहर से देखने पर सब कुछ भी समझ नहीं आ रहा था। लेकिन पुलिस की सतर्कता से लाखों का गांजा जब्त हो गया। पुलिस ने कार को भी जब्त कर लिया है। 

 

पुलिस ने कहा कि, 'तस्कर बहुत ही शातिर तरीके से गांजा की तस्करी कर रहे थे। उन्होंने लक्जरी कार में तहखाना बना रखा था। ताकि पुलिस की नजर में न आए। कार के बीच और पीछे वाली सीट के नीचे लोहे का तहखाना बनाया गया था। उसी में गांजे के पैकेट छिपाए गए थे। बैक लाइट के कवर के अंदर भी गांजा रखा गया था। देखने पर लगता था कि कार खाली है।'

 

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पूछताछ के बाद पकड़ा गया मास्टरमांइड

कार में ड्राइवर के अलावा एक और एक व्यक्ति बैठा था। जब पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो सारा मामला सामने आया। दोनों ने बताया कि गांजा नेपाल से लाया गया था और इसे अरेराज व आसपास के इलाकों में पहुंचाना था। पूछताछ के बाद पुलिस ने तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। यह तीसरा अपराधी ही इस धंधे का मास्टरमांइड था।

 

मास्टरमांइड की पहचान हरसिद्धि थाना क्षेत्र के झड़वा गांव निवासी नाजिम खान के रूप में हुई है। नाजिम खान ही नेपाल से गांजा मंगवाता है और बिहार के विभिन्न जिलों में सप्लाई करता है। पुलिस ने नाजिम के घर पर छापेमारी की तो वहां से भी 130 ग्राम गांजे का सैंपल और इलेक्ट्रॉनिक तराजू बरामद किया गया। पुलिस को शक है कि इस धंधे से जुड़े दूसरे लोग भी हो सकते हैं। पुलिस ने बताया कि पूरे नेटवर्क के बारे में जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।

 

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40 लाख रुपये आंकी गई गांजे की कीमत

पुलिस के मुताबिक, बरामद गांजे का कुल वजन 58.93 किलो है। इसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 40 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने गांजे के साथ कार और दूसरे सामान को भी जब्त कर लिया है। तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उनके मोबाइल फोन और संपर्कों की जांच कर रही है, ताकि गांजे की सप्लाई से जुड़े दूसरे लोगों का पता लगाया जा सके। पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।


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