उत्तर प्रदेश की संभल नगर पालिका ने सड़कों पर खुले में घूमने वाले मवेशियों की समस्या से निपटने के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। अभियान के तहत सड़क पर अपने मवेशियों को लावारिस छोड़ने वाले पशुपालकों पर जुर्माना लगाया जाएगा। नगर पालिका का उद्देश्य सड़कों को मवेशियों से मुक्त कर यातायात और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
नगर पालिका के अनुसार, अगर कोई पशुपालक बार-बार नियमों का उल्लंघन करता है और अपने मवेशियों को सड़क पर छोड़ता है तो उसके खिलाफ एफ आई आर भी दर्ज कराई जा सकती है। इस फैसले से पशुपालकों की जिम्मेदारी तय करने और सड़कों पर आवारा मवेशियों की संख्या कम करने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन का मानना है कि सड़कों पर मवेशियों के घूमने से यातायात प्रभावित होने के साथ हादसों का खतरा भी बढ़ता है। ऐसे में नगर पालिका की ओर से मवेशियों को हटाने का अभियान चलाया जा रहा है।
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10,000 रुपये तक लग सकता है जुर्माना
नगर पालिका पशुपालकों को बार-बार सलाह दे रही है कि वे अपने मवेशियों को बांधकर और अपने परिसर के भीतर ही रखें। अगर सड़क पर लावारिस हालत में मवेशी पाया जाता है तो प्रत्येक मवेशी पर पशुपालक को 2,500 रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है। यदि पशुपालक निर्देशों का उल्लंघन करते हैं तो इस जुर्माने को बढ़ा दिया जाएगा। इस जुर्माने को बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया जाएगा। अगर इसके बाद भी पशुपालक निर्देशों का उल्लंघन करते हैं तो जुर्माने की राशि 10,000 रुपये कर दी जाएगी।
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FIR भी हो सकती है
नगर पालिका ने कहा अगर पशुपालक 10,000 रुपये जुर्माने के बाद भी अपना मवेशियों को सड़को पर छोड़ते हैं तो उनके खिलाफ एफ आई आर भी दर्ज की जाएगी। साथ ही नगर निकाय का कहना है कि यह अभियान जारी रहेगा और सार्वजनिक सड़कों पर अपने जानवरों को लावारिस छोड़ने वाले मवेशी मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।