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मणिपुर में पहले NRC, फिर होगी जनगणना; केंद्र ने टाला Census 2027 का काम

मणिपुर में जनगणना 2027 की प्रक्रिया को फिलहाल टाल दिया गया है। यह फैसला अमित शाह की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में लिया गया। अब वहां जनगणना से पहले NRC की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

Census 2027 deferred in Manipur amid demand to first build NRC

प्रदर्शनकारियों के हाथ में तख्तियां, Photo Credit: PTI

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मणिपुर में जनगणना 2027 की प्रक्रिया फिलहाल टाल दी गई है। राज्य सरकार ने सोमवार को बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला और मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

 

मणिपुर सरकार के अनुसार, बैठक में स्थानीय लोगों की उस मांग पर चर्चा हुई जिसमें जनगणना से पहले राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) तैयार करने की मांग की गई थी। सरकार ने बताया कि लोगों की भावनाओं और मांगों को देखते हुए जनगणना को टालने पर सहमति बनी। हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस फैसले पर अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

 

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1 सितंबर से शुरू होना था जनगणना का पहला चरण

जनगणना 2027 के पहले चरण में मणिपुर में घरों की लिस्ट बनाने का काम 1 सितंबर से 30 सितंबर तक होना था। इसके लिए तैयारियां भी शुरू हो गई थीं लेकिन जनगणना के विरोध में हुए प्रदर्शनों का असर कर्मचारियों की ट्रेनिंग पर पड़ा। घर-घर जाकर जानकारी जुटाने से पहले लोगों को 17 अगस्त से ऑनलाइन खुद अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा भी मिलने वाली थी लेकिन इसे भी पहले ही टाल दिया गया था।

1951 को आधार बनाकर NRC की मांग

मणिपुर में गैर कुकी-जो समुदायों के एक बड़े वर्ग की मांग है कि जनगणना से पहले 1951 को आधार वर्ष मानकर NRC तैयार किया जाए। उनका कहना है कि इससे राज्य में अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान करने में मदद मिलेगी। मैतेई, नागा और मैतेई पंगल समुदायों से जुड़े 14 नागरिक संगठनों (CSO) ने इस मांग को लेकर केंद्र और राज्य के नेताओं से मुलाकात की थी। इन संगठनों का आरोप है कि म्यांमार से आए कई अवैध प्रवासी राज्य के कुछ इलाकों में बस गए हैं। उनका दावा है कि ऐसे लोगों को जनगणना में शामिल करने से राज्य की आबादी की वास्तविक तस्वीर प्रभावित हो सकती है। संगठनों ने BJP अध्यक्ष नितिन नबीन और कुछ केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात कर अपनी मांग रखी थी।

 

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मणिपुर के मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री कार्यालय ने 14 CSO और उन BJP विधायकों का आभार जताया जिन्होंने दिल्ली जाकर NRC लागू करने की मांग उठाई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र के नेताओं और अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत के बाद ही यह फैसला हुआ है। उन्होंने कहा, 'बंद और हड़ताल जैसे कदमों से मांगों का समाधान नहीं होगा बल्कि आम लोगों की परेशानियां बढ़ेंगी।' मुख्यमंत्री ने नागरिक संगठनों से बातचीत जारी रखने और राज्य की सामाजिक एवं राजनीतिक समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की।


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