उत्तर प्रदेश के झांसी से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। केंद्रीय उत्पाद एवं सेवा कर(CGST) के एक डिप्टी कमिश्नर और दो सुपरिंटेंडेंट को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने एक कारोबारी से कुल 1.6 करोड़ की रिश्वत ली और उसका मामला रफा-दफा करने का वादा किया था। CBI ने रिश्वत में लिए गए पैसे भी बरामद किए हैं। इस मामले में अभी तक कुल 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और मामले की जांच के साथ-साथ कई अन्य जगहों पर छापेमारी भी की गई है।
CBI की ऐंटी करप्शन यूनिट ने लखनऊ के कारोबारी राजू मंगतानी को गिरफ्तार किया है। राजू मंगतानी झांसी में जय दुर्गा हार्डवेयर के मालिक हैं। इस केस में कारोबारी और अफसरों के बीच डील कराने वाले टैक्स एडवोकेट और दो सुपरिंटेंडेंट को भी गिरफ्तार किया गया है। इन्हीं सुपरिंटेंडेंट ने बताया कि CGST में डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी ने ही इस मामले में रिश्वत मांगने की शुरुआत की थी।
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क्या है पूरा मामला?
इससे पहले, CBI को मिली टिप के आधार पर इन दो सुपरिंटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय कुमार शर्मा को रंगे हाथ पकड़ा गया था। मंगलवार को ये लोग राजू मंगतानी से रिश्वत के 70 लाख रुपये ले रहे थे। इनसे पूछताछ हुई तो पता चला कि कुल 1.5 करोड़ रुपये की मांगी गई थी। और 70 लाख रुपये पहली किस्त के रूप में दिए जा रहे थे।
इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद CBI टीम ने उस परिसर की तलाशी ली तो 90 लाख रुपये, गहने और कई अन्य चल और अचल संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए गए। इस तरह अभी तक कुल 1.6 करोड़ रुपये बरामद किए गए हैं। अभी यह भी बताया गया है कि अभी छानबीन जारी है।
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CBI के मुताबिक, राजू मंगतानी ने GST अफसरों से डील की थी और टैक्स कार्रवाई से बचाने में मदद मांगी थी। इसी मामले में वकील नरेश कुमार गुप्ता को भी गिरफ्तार किया गया। उस वक्त डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी दिल्ली में थीं और उन्हें तुरंत झांसी बुलाया गया। झांसी आते ही उन्हें बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। अब CBI ने डिप्टी कमिश्नर, दो सुपरिंटेंडेंट, वकील और कंपनी के मालिक राजू मंगतानी को गिरफ्तार किया है।