महाराष्ट्र के वाशिम जिले में पेट्रोल और डीजल की कमी ने लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। ईंधन खत्म होने की खबर फैलते ही एक पेट्रोल पंप पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। हालात इतने बिगड़ गए कि लोगों के बीच जमकर मारपीट शुरू हो गई और पेट्रोल पंप कुछ देर के लिए रणक्षेत्र में बदल गया।
घटना शनिवार दोपहर की बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट में छपे इंडियन ऑयल डीलर जितेंद्र चोपड़ा के एक बयान के अनुसार, उनके पेट्रोल पंप पर करीब 15 हजार लीटर डीजल और 5 हजार लीटर पेट्रोल लेकर एक टैंकर पहुंचा था। टैंकर के पहुंचते ही 400 से 500 लोग वाहन और डिब्बे लेकर वहां जमा हो गए। करीब 100 वाहन डीजल भरवाने के लिए लाइन में लगे थे।
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पेट्रोल पंप संचालक ने बताया कि ईंधन उतारने के दौरान ऑटोमेशन सिस्टम की वजह से तुरंत बिक्री शुरू नहीं हो सकती थी। इसी बीच कुछ लोगों ने टैंकर को पेट्रोल स्टोरेज वाले हिस्से तक जाने से रोक दिया। काफी समझाने के बाद जब टैंकर आगे बढ़ा तो लाइन में लगे लोगों के बीच विवाद शुरू हो गया।
जमकर चले लात-घूंसे और डिब्बे
देखते ही देखते बहस मारपीट में बदल गई। लोग एक-दूसरे पर हाथों से हमला करने लगे। इसके बाद कुछ लोगों ने पेट्रोल के डिब्बों से मारना शुरू कर दिया। हालात तब और बिगड़ गए जब कुछ लोग बाहर से लकड़ी के डंडे ले आए और उनसे हमला करने लगे। पेट्रोल पंप पर कुछ देर के लिए भगदड़ और चीख-पुकार का माहौल बन गया।
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सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पेट्रोल पंप कर्मचारियों के साथ मिलकर भीड़ को शांत कराया। हालात सामान्य होने के बाद सीमित मात्रा में पेट्रोल और डीजल की बिक्री दोबारा शुरू की गई। संचालक ने बताया कि हर वाहन को केवल 10 से 15 लीटर ईंधन दिया गया ताकि ज्यादा लोगों तक पेट्रोल और डीजल पहुंच सके। रात करीब 10 बजे तक पूरा स्टॉक खत्म हो गया। पेट्रोल पंप संचालकों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं करता तो भविष्य में ईंधन बिक्री रोकने पर विचार किया जा सकता है।