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ग्रामीणों के साथ नाटी पर थिरके मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू

हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम चला रही है। हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंद सिंह सुक्खू गांव-गांव का दौरा कर रहे हैं।

ग्रामीणों के साथ झूमते मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, Photo Credit-DPR Shimla

ग्रामीणों के साथ झूमते मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, Photo Credit-DPR Shimla

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सरकार 'गांव के द्वार कार्यक्रम' के तहत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जब रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के दूरदराज गांव भटवाड़ी पहुंचे तो माहौल किसी उत्सव से कम नहीं था। ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों, लोकगीतों और नाटी के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री भी ग्रामीणों के बीच घुले-मिले और नाटी में शामिल होकर स्थानीय लोगों का उत्साह बढ़ाया।

 

भटवाड़ी में मुख्यमंत्री का यह दौरा इसलिए भी खास रहा कि उन्होंने यहां रात्रि प्रवास किया और गांव के ही परिवार के साथ रात बिताई। ग्राम पंचायत दिऊदी के प्रधान प्रशनलाल के घर मुख्यमंत्री के ठहरने से ग्रामीणों में विशेष उत्साह नजर आया। प्रधान ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बाद कोई मुख्यमंत्री इस गांव में नहीं आया था। उनके अनुसार सुखविंदर सिंह सुक्खू इस दूरदराज गांव में रात्रि प्रवास करने वाले प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री हैं।

लामण और नाटी ने बांधा समां

मुख्यमंत्री के स्वागत में ग्रामीणों ने हिमाचली लोक संस्कृति की झलक पेश की। महिलाओं और ग्रामीणों ने पारंपरिक लोकगीत ‘लामण’ गाए और नाटी प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने भी ग्रामीणों के साथ नाटी में कदम मिलाए और स्थानीय गीत गाकर माहौल को और खुशनुमा बना दिया। रात्रिभोज में भी स्थानीय संस्कृति और पहाड़ी स्वाद की झलक देखने को मिली। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के लिए क्षेत्र के पारंपरिक व्यंजन तैयार किए। उन्हें फाफरा, कोदे की रोटी, लाल चावल और राजमा समेत स्थानीय पकवान परोसे गए। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ बैठकर पारंपरिक भोजन किया।

 

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रास्ते में जगह-जगह हुआ स्वागत

भटवाड़ी पहुंचने के दौरान रास्ते में भी ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का जगह-जगह गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने लोगों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को ग्रामीणों द्वारा उठाए गए मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं भी कीं।

 

उन्होंने महिला मंडलों को पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके अलावा बरशील पुल को मोटरेबल बनाने का आश्वासन दिया और चिंगवाड़ी सड़क के लिए 20 लाख रुपये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने पेखा-दिऊदी महिला मंडल भवन के निर्माण के लिए पांच लाख रुपये देने का ऐलान किया। वहीं धमवाड़ी स्कूल को सीबीएसई स्कूल बनाने की घोषणा भी की।

 

‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल राजधानी या जिला मुख्यालय तक सीमित रहना नहीं, बल्कि दूरदराज के गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं को मौके पर सुनना और उनका समाधान सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर स्थानीय विधायक मोहन लाल ब्राटा, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।


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