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स्टेशन से गायब हुआ बच्चा 16 घंटे में बरामद, डेढ़ लाख में बेचने का था प्लान

रेलवे स्टेशन से किडनैप किए गए एक बच्चे को पुलिस ने 16 घंटे में बरामद कर लिया। किडनैप करने वाले शख्स ने बताया है कि वह इस बच्चे को 1.5 लाख में बेचने जा रहा था।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: ChatGPT

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बिहार के जमालपुर रेलवे स्टेशन से अगवा हुए 2 साल के मासूम को रेल पुलिस ने 16 घंटे में बरामद कर लिया। बच्चे को पटना में डेढ़ लाख रुपये में बेचने की साजिश थी। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई कर 3 तस्करों को गिरफ्तार किया है। मासूम अब सुरक्षित है। बच्चा चोरी की घटना के बाद पूरे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई थी । पुलिस पर तरह-तरह के आरोप लगाए जा रहे थे।

 

खगड़िया के परबत्ता थाना क्षेत्र के बैसा गांव की कारी देवी अपने पोते आदर्श कुमार के साथ जमालपुर आई थीं। गायब बच्चे को इलाज की जरूरत थी। आदर्श 2 साल का है। इलाज के बाद दादी प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर बच्चे के साथ बैठी थीं। बच्चा सो रहा था। इसी दौरान एक शातिर उसे उठाकर ले गया। बदमाश फरक्का एक्सप्रेस में सवार होकर फरार हो गया।

 

बच्चे के गायब होने के बाद दादी ने शोर मचाना शुरू कर दिया । स्टेशन पर मौजूद लोगों के माध्यम से घटना की जानकारी आरपीएफ को दी गई। आरपीएफ निरीक्षक सुधांशु कुमार सुधा के नेतृत्व में टीम बनी। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। फुटेज में आरोपी बच्चे को उठाकर एस-5 कोच की तरफ ले जाते दिखा। तुरंत ट्रेन में तैनात एस्कॉर्ट टीम को सूचना दी गई। ट्रेन की तलाशी ली गई। जनरल कोच से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया। आरोपी मोहम्मद टीपू उर्फ अहसान को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

 

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पटना में तय था डेढ़ लाख का सौदा

पूछताछ में टीपू ने बड़ा खुलासा किया। उसने बताया कि वह बच्चे को पटना निवासी बबलू कुमार को बेचने ले जा रहा था। सौदा डेढ़ लाख रुपये में तय हुआ था । मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली गई। इसमें बबलू कुमार और राजेश कुमार का नाम सामने आया। आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस की टीम पटना पहुंची। नदी थाना क्षेत्र में जाल बिछाकर बबलू कुमार और राजेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में दोनों ने जुर्म कबूल किया। बबलू ने बताया कि वह बेरोजगार था। फिर भाई संतोष कुमार और अन्य साथियों के साथ मिलकर गिरोह बना लिया। ये लोग संतानहीन दंपतियों को 5 से 6 लाख रुपये में बच्चे बेचते थे। राजेश कुमार एजेंट का काम करता था और ग्राहक ढूंढता था।

 

पुलिस ने तीनों आरोपियों के मोबाइल जब्त किए। मोबाइल में बच्चों की खरीद-फरोख्त के डिजिटल सबूत मिले। चैट, कॉल रिकॉर्ड और फोटो भी बरामद हुए हैं। बरामद मासूम आदर्श का मुंगेर सदर अस्पताल में मेडिकल कराया गया। इसके बाद उसे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पेश किया गया। सीडब्ल्यूसी ने बच्चे को सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को जीआरपी जमालपुर के हवाले कर दिया गया है। उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।

 

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परिजन ने जताया आभार

बच्चे की दादी कारी देवी ने पुलिस का आभार जताया। उन्होंने कहा कि समय पर कार्रवाई नहीं होती तो पता नहीं क्या हो जाता। अब बच्चा सुरक्षित घर लौट आया है। पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। अधिकारी मानते हैं कि बच्चों की तस्करी का यह बड़ा रैकेट हो सकता है। आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।


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