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हिमाचल के भटियात को CM सुक्खू की सौगात, कोर्ट से स्कूल तक बड़े ऐलान

सुखविंदर सिंह ने चंबा प्रवास के दौरान जनसभा में की कई बड़ी घोषणाएं। भटियात की 20 हजार महिलाओं को नई योजना का लाभ मिल सकता है।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू। Photo Credit: DPR Shimla

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू। Photo Credit: DPR Shimla

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हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भटियात विधानसभा क्षेत्र को मुख्यमंत्री सुखविंद सिंह सुक्खू ने विकास से जुड़ी कई सौगातें देने की घोषणा की है। चुवाड़ी में सिविल कोर्ट खोलने, क्षेत्र में सीबीएसई से संबद्ध स्कूल शुरू करने और विभिन्न सड़क परियोजनाओं के लिए 10 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने का ऐलान किया गया है। इन घोषणाओं के साथ भटियात में न्यायिक सुविधाओं, शिक्षा और सड़क संपर्क को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं।

 

चुवाड़ी चौगान में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ये घोषणाएं कीं। स्थानीय लोगों की मांग पर सीबीएसई संबद्ध स्कूल खोलने की घोषणा भी की गई। हालांकि, सिविल कोर्ट और स्कूल की स्थापना से जुड़ी विस्तृत समयसीमा, स्थान तथा क्रियान्वयन की प्रक्रिया की जानकारी सामने आना अभी बाकी है।

न्याय के लिए दूर जाने की परेशानी होगी कम?

चुवाड़ी में सिविल कोर्ट खोलने की घोषणा को भटियात के लोगों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्र में न्यायिक सुविधाओं तक पहुंच केवल कानूनी प्रक्रिया का विषय नहीं, बल्कि समय, परिवहन और खर्च से भी जुड़ी होती है। कोर्ट खुलने से स्थानीय लोगों को न्यायिक कार्यों के लिए सुविधा मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से उन लोगों को राहत मिल सकती है, जिन्हें मामलों की सुनवाई के लिए दूसरे स्थानों तक जाना पड़ता है। हालांकि, वास्तविक राहत कोर्ट की स्थापना, अधिकार क्षेत्र और कामकाज शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

 

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CBSE स्कूल से ग्रामीण बच्चों को क्या मिलेगा फायदा?

भटियात में सीबीएसई से संबद्ध स्कूल खोलने की घोषणा को शिक्षा के क्षेत्र में एक और अहम पहल के तौर पर देखा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम दो से तीन सीबीएसई संबद्ध स्कूल खोलने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि 100 से अधिक स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया जा रहा है और इनके लिए शैक्षणिक स्टाफ के पदों का भर्ती विज्ञापन भी जारी किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्तमान सरकार ने पूरी तरह मेरिट के आधार पर 2,700 से अधिक शिक्षकों की भर्ती की है। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में हिमाचल के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2021 में प्रदेश 21वें स्थान पर था, जबकि वर्ष 2025 में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में देश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया।

सड़कों के लिए 10 करोड़, कनेक्टिविटी पर नजर

भटियात विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न सड़क परियोजनाओं के लिए 10 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा भी जनसभा का प्रमुख आकर्षण रही। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और स्थानीय कारोबार की जीवनरेखा होती हैं। सड़क संपर्क बेहतर होने से दूरदराज के गांवों को बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में सहूलियत मिल सकती है। हालांकि, किन-किन सड़कों को इस राशि से लाभ मिलेगा और काम कब शुरू होगा, इसे लेकर परियोजनावार विवरण का इंतजार रहेगा।

 

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार अगले महीने से 'मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना' शुरू करेगी। योजना के तहत गरीब परिवारों की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार की ओर से घोषित योजना में पात्र लाभार्थियों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली और स्वास्थ्य बीमा कार्ड के माध्यम से निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने की बात भी कही गई है। 

मुख्यमंत्री के अनुसार, भटियात विधानसभा क्षेत्र में इस योजना से लगभग 10 हजार पात्र परिवारों की 20 हजार महिलाएं लाभान्वित होंगी। यह योजना लागू होने पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के घरेलू बजट को सहारा मिल सकता है। महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिलने से रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और लाभ प्राप्त करने की शर्तों का विस्तृत खाका सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन परिवारों को इसका वास्तविक लाभ मिलेगा।

 

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हल्दी से मक्की तक, किसानों के लिए समर्थन मूल्य का दावा

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार की नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से विभिन्न कृषि उत्पादों और दूध के लिए घोषित समर्थन मूल्य इस प्रकार हैं:

- कच्ची हल्दी: 150 रुपये प्रति किलोग्राम
- गेहूं: 80 रुपये प्रति किलोग्राम
- मक्की: 50 रुपये प्रति किलोग्राम
- गाय का दूध: 61 रुपये प्रति लीटर
- भैंस का दूध: 71 रुपये प्रति लीटर

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूध के लिए दी जा रही दरें पहले की तुलना में लगभग दोगुनी हैं। सरकार का तर्क है कि किसानों को बेहतर कीमत मिलने से खेती-किसानी को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी। पहाड़ी क्षेत्रों में जहां खेती का रकबा सीमित है और उत्पादन लागत अधिक रहती है, वहां फसलों के बेहतर दाम ग्रामीण परिवारों की आमदनी के लिए अहम साबित हो सकते हैं। हालांकि, घोषित समर्थन मूल्य का वास्तविक असर इस बात पर भी निर्भर करेगा कि किसानों से कितनी खरीद होती है और उन्हें भुगतान किस व्यवस्था के तहत मिलता है।

चंबा मेडिकल कॉलेज के लिए 190 करोड़ का जिक्र

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि चंबा मेडिकल कॉलेज के सुचारू संचालन के लिए 190 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मेडिकल कॉलेज में 32 स्नातकोत्तर सीटें उपलब्ध करवाई गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना पहाड़ी प्रदेश के लिए बड़ी चुनौती है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता, जांच सुविधाएं और गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिलना आज भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। मेडिकल कॉलेज में स्नातकोत्तर सीटों की उपलब्धता को विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा और भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपयोगी कदम माना जा सकता है।

 

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केंद्र की मदद और आर्थिक चुनौतियों पर भी बोले CM

मुख्यमंत्री सुक्खू ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति का उल्लेख करते हुए पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार ने आवश्यक स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित किए बिना कई स्वास्थ्य और शैक्षणिक संस्थान खोल दिए थे। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने राज्य को मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान बंद कर दिया है। साथ ही, प्राकृतिक आपदा के बाद प्रधानमंत्री के प्रदेश दौरे के दौरान घोषित 1,500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता अभी तक राज्य को प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इन आर्थिक चुनौतियों के बावजूद प्रदेश सरकार संसाधन सृजन और भ्रष्टाचार समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है, ताकि हिमाचल को समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाया जा सके।

कमजोर वर्गों के लिए योजनाओं का भी किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना और मुख्यमंत्री ग्रीन पंचायत योजना को सरकार की पहलों में शामिल बताया। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि वर्तमान सरकार ने चंबा जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित करने का प्रयास किया है। अपने गृह विधानसभा क्षेत्र भटियात का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहले इस क्षेत्र को पिछड़ा माना जाता था, लेकिन अब सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल आपूर्ति सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं में पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण के लिए वित्तीय सहायता 1.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 8.50 लाख रुपये किए जाने का भी उल्लेख किया। पठानिया ने मुख्यमंत्री के समक्ष भटियात क्षेत्र की विभिन्न विकासात्मक मांगें भी रखीं।

जनसभा में दी गई श्रद्धांजलि

जनसभा के दौरान सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नंद लाल और युवा कांग्रेस नेता चंद्रमणि कुलेठी के सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में विधायक नीरज नैय्यर, पूर्व मंत्री आशा कुमारी, पूर्व विधायक अजय महाजन, जिला परिषद अध्यक्ष रेखा ठाकुर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

 

चुवाड़ी में हुई घोषणाओं से भटियात के सामने विकास की नई संभावनाएं जरूर खुली हैं, लेकिन स्थानीय लोगों की नजर अब इनके अमल पर रहेगी। सिविल कोर्ट कब स्थापित होगा, सीबीएसई स्कूल में पढ़ाई कब शुरू होगी, सड़क परियोजनाओं पर राशि कैसे खर्च होगी और नई परिवार कल्याण योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक कब पहुंचेगा, इन सवालों के जवाब आने वाले समय में महत्वपूर्ण होंगे। 


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