छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के एक सरकारी मिडिल स्कूल के 35 छात्रों की कलाई पर कट के निशान मिलने से हड़कंप मच गया है। मामला कुरूद ब्लॉक के दहदहा गांव स्थित शासकीय स्कूल का है। यहां कक्षा 6, 7 और 8 के बच्चों के हाथों पर चोट के निशान मिले। घटना सामने आने के बाद अभिभावकों में चिंता और आक्रोश बढ़ गया। इसके बाद जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त जांच टीम गठित कर दी है।
जानकारी के अनुसार ये चोटें करीब 20 से 25 दिन पुरानी बताई जा रही हैं। मामला तब उजागर हुआ जब एक अभिभावक ने अपने बच्चे की कलाई पर घाव देखकर स्कूल के प्रधानाचार्य से शिकायत की। शिकायत के बाद जब अन्य छात्रों की जांच की गई तो दर्जनों बच्चों के हाथों पर इसी तरह के निशान मिले। अधिकांश घाव भर चुके थे और पास से देखने पर ही स्पष्ट दिख रहे थे।
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बच्चों के हाथों में कैसे आए कट के निशान?
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि बच्चों ने ब्लेड, पिन और कांटों जैसी नुकीली वस्तुओं से खुद को हल्के कट लगाए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार कई छात्रों ने बयान दिया कि उन्होंने अन्य साथियों को ऐसा करते देखा और फिर उसी की नकल की।
जांच में यह भी सामने आया है कि एक छात्र ने शुरुआत की और उसके बाद यह व्यवहार अन्य बच्चों में फैल गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी सूरज सिंह परिहार के निर्देश पर शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाई गई है।
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टीम ने स्कूल पहुंचकर शिक्षकों और अभिभावकों के बयान दर्ज किए तथा छात्रों से बातचीत भी की है। अधिकारियों का कहना है कि यह जांच की जा रही है कि कहीं यह किसी चुनौती, सोशल मीडिया ट्रेंड या साथियों के दबाव का नतीजा तो नहीं।
फिलहाल टीम अभी तक किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। प्रशासन ने अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की अपील की। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की विस्तृत जांच की जाएगी और यदि किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है।