बिहार के भोजपुर जिले की साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह अलग-अलग राज्यों में फैला हुआ था। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि इस पूरे नेटवर्क को दुबई में बैठा एक मास्टरमाइंड चला रहा था जबकि आरा के युवक उसके लिए स्थानीय स्तर पर काम कर रहे थे।
साइबर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्रामीण बैंक के कुछ खातों में संदिग्ध तरीके से करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया है। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि ऑनलाइन गेमिंग और साइबर फ्रॉड के जरिए लोगों से ठगी की गई रकम इन खातों में पहुंचाई जा रही थी। पुलिस ने जब खातों से जुड़े मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की पड़ताल की तो पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो गया। जांच में सामने आया कि दुबई में बैठा एक शातिर अपराधी पूरे गिरोह को चला रहा था और भोजपुर के युवक उसके निर्देश पर साइबर ठगी के कारोबार को अंजाम दे रहे थे।
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पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक और बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं। बरामद सामान में 46 मोबाइल फोन, 7 लैपटॉप, 32 सिम कार्ड, 52 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, विभिन्न बैंकों की 18 पासबुक, 5 आधार कार्ड, 4 पैन कार्ड और 2 वोटर आईडी कार्ड शामिल हैं।
8 करोड़ से अधिक के लेनदेन का खुलासा
मामले की जानकारी देते हुए साइबर थाना प्रभारी स्नेह सेतु ने बताया कि जांच के दौरान अब तक 8 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि इस नेटवर्क का दायरा बिहार के अलावा अन्य राज्यों तक फैला था या नहीं। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार सभी आरोपी आरा और आसपास के क्षेत्रों के रहने वाले हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कम समय में अधिक पैसा कमाने और करोड़पति बनने की लालसा में ये युवक साइबर अपराध के इस नेटवर्क से जुड़ गए थे।
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ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से बढ़ते साइबर अपराध के बीच भोजपुर पुलिस की यह कार्रवाई एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। पुलिस अब दुबई में बैठे मास्टरमाइंड और उससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर नेटवर्क की पूरी कड़ी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।