दिल्ली शहर में इन दिनों एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। मौसम के लगातार बदलने, तापमान ऊपर-नीचे होने और हवा में नमी बढ़ने की वजह से यह बीमारी बहुत तेजी से फैल रही है। इस वजह से दिल्ली के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की बहुत भारी भीड़ जमा हो रही है। अस्पतालों की ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर को दिखाने के लिए लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी दिल्ली में इस साल अब तक कुल 1,777 एच1एन1 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से 114 नए मामले अकेले 20 अगस्त को सामने आए थे। इसके अलावा कुल 2,392 इन्फ्लूएंजा-ए के मामले रिकॉर्ड किए गए हैं। इस हालात को देखकर डॉक्टर और स्वास्थ्य एक्सपर्ट्स बहुत ज्यादा फिक्रमंद हो गए हैं और उन्होंने लोगों को पूरी तरह सावधान रहने की चेतावनी दी है।
दिल्ली के छोटे और बड़े सभी अस्पतालों में इन दिनों ऐसे लोग बहुत ज्यादा आ रहे हैं जिन्हें फ्लू जैसी परेशानी है। हर रोज हजारों की संख्या में मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। मरीजों को तेज बुखार, शरीर में दर्द और सांस लेने में दिक्कत हो रही है। मरीजों की यह संख्या इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि अस्पतालों के स्टाफ और मैनेजमेंट पर काम का बहुत ज्यादा दबाव आ गया है। इस भारी भीड़ को संभालने के लिए अस्पतालों ने अपनी तैयारी बहुत मजबूत कर ली है ताकि हर आने वाले मरीज को समय पर सही और बेहतर इलाज मिल सके।
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किन लोगों को है सबसे ज्यादा खतरा?
डॉक्टरों और मेडिकल एक्सपर्ट्स ने साफ तौर पर बताया है कि वैसे तो आम लोग इस बीमारी से ठीक हो जाते हैं लेकिन यह कुछ लोगों के लिए बहुत ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और जो लोग पहले से ही किसी बड़ी या गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं उन्हें अपना बहुत ज्यादा ख्याल रखना चाहिए। जिन लोगों के शरीर की अंदरूनी ताकत यानी इम्युनिटी कमजोर होती है या जिन्हें सांस लेने में पहले से ही परेशानी होती है उन पर इस वायरस का खतरा सबसे अधिक मंडरा रहा है।
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बीमारी के मुख्य लक्षण
स्वाइन फ्लू होने पर शरीर में कई तरह के साफ लक्षण दिखाई देते हैं। इसमें अचानक से बहुत तेज बुखार आ जाता है, ठंड लगने लगती है, खांसी लगातार बनी रहती है, गले में दर्द या खराश होने लगती है, सिर में तेज दर्द रहता है और पूरे शरीर व मांसपेशियों में बहुत दर्द होता है। इसके अलावा कुछ मरीजों को उल्टी और दस्त की समस्या भी हो जाती है। अगर किसी भी इंसान को सांस लेने में बहुत ज्यादा तकलीफ हो या शरीर में दिक्कत बहुत बढ़ जाए तो इसे बिल्कुल भी अनदेखा नहीं करना चाहिए और बिना देर किए तुरंत डॉक्टर के पास जाकर अपनी जांच करानी चाहिए और सही इलाज शुरू करना चाहिए।