बिहार के विकास से जुड़े कामों को लेकर नई दिल्ली में एक बैठक हुई। मुख्यमंत्री
सम्राट चौधरी
ने केंद्रीय वित्त मंत्री
निर्मला सीतारमण
और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। उनके साथ उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और सांसद संजय कुमार झा भी मौजूद रहे। बैठक में केंद्रीय बजट में बिहार के लिए की गई घोषणाओं और योजनाओं को लागू करने पर बात हुई। मुख्यमंत्री ने केंद्र से लंबित मांगों पर जल्द कार्रवाई करने का आग्रह किया। इस दौरान कोसी-मेची रिवर लिंक प्रोजेक्ट, सप्त कोसी हाई लेवल डैम, SNA-SPARSH व्यवस्था, SASCI के तहत इंसेंटिव, विक्रमशिला विश्वविद्यालय और हाजीपुर में NIFTEM पर चर्चा हुई।
कोसी नदी पर हाई लेवल डैम के डीपीआर को जल्द पूरा करने के लिए वित्त मंत्री ने विभागों को निर्देश दिए हैं। बैठक में मुख्य चर्चा कोसी-मेची रिवर लिंक योजना पर हुई। मुख्यमंत्री ने पहले चरण के लिए पैसे और दूसरे चरण की तकनीकी मंजूरी का मुद्दा उठाया। इससे सीमांचल के जिलों में सिंचाई, खेती और पानी के प्रबंधन में राहत मिलेगी। वित्त मंत्री ने जल शक्ति मंत्रालय को जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए। सप्त कोसी परियोजना पर भी चर्चा हुई। तकनीकी समिति में बिहार का एक सदस्य शामिल रहेगा, जिससे राज्य अपने हितों को रख सके। इन योजनाओं के बनने से उत्तर बिहार को बाढ़ से स्थायी राहत मिलेगी।
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फंड ट्रांसफर की नई व्यवस्था
बिहार को SNA और SPARSH के माध्यम से अधिक सहायता मिलने के लिए इसे 30 सितंबर तक लागू करने पर सहमति बनी। साथ ही SASCI के तहत मिलने वाले रिफॉर्म बेस्ड इंसेंटिव को लागू करने पर बात हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे राज्य को विकास योजनाओं के लिए और पैसे मिलेंगे। SNA और SPARSH सिस्टम लागू होने से पैसों का ट्रांसफर तेज होगा और योजनाओं में देरी नहीं होगी। वित्त मंत्री ने आश्वासन दिया कि केंद्रीय योजनाओं में बिहार को प्राथमिकता दी जाएगी। सोन-फल्गू रिवर लिंक, महाबोधि कॉरिडोर और विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर का काम भी जल्द शुरू कराने पर चर्चा हुई।
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विक्रमशिला और NIFTEM प्रोजेक्ट
भागलपुर में विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए बिहार सरकार ने 219 एकड़ जमीन दे दी है। हाजीपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी आंत्रप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (NIFTEM) के लिए 100 एकड़ जमीन भी राज्य सरकार ने दे दी है। केंद्र से अनुरोध किया गया है कि दोनों संस्थानों का काम जल्द शुरू कराया जाए। विक्रमशिला के बनने से उच्च शिक्षा और शोध को बढ़ावा मिलेगा। हाजीपुर में NIFTEM बनने से फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में बिहार को बड़ी ताकत मिलेगी और किसानों को लाभ होगा। बैठक में यह बात सामने आई कि बिहार के विकास के लिए केंद्र पूरी तरह सकारात्मक है और दोनों सरकारें मिलकर काम करेंगी।