दिल्ली सरकार ने होली पर गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस सिलेंडर देने की योजना को मंजूरी दे दी है। मंगलवार, 20 नवंबर को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इस योजना के लिए सरकार ने 300 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने अपने घोषणा-पत्र में होली और दिवाली पर एक-एक मुफ्त गैस सिलेंडर देने का वादा किया था। इसी वादे को पूरा करते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। इसके साथ ही 500 रुपये में एक अतिरिक्त सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर देने की घोषणा भी की गई थी लेकिन इस पर अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
योजना के तहत होली के महीने में लाभार्थियों को पहले गैस सिलेंडर की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस राहत का सीधा लाभ उन लोगों को मिलेगा जो आर्थिक रूप से पिछड़े हैं और जिनके पास दिल्ली का राशन कार्ड मौजूद है।
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कैश मिलेगा या सिलेंडर?
इस स्कीम के तहत सबसे जरूरी बात यह है कि लाभार्थी को घर पर सिलेंडर नहीं पहुंचाया जाएगा। बल्कि, पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (DBT) का रास्ता अपनाएगी। इसका मतलब है कि एक गैस सिलेंडर की जो भी बाजार कीमत होगी, उतनी राशि सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में डाल दी जाएगी। इससे परिवार अपनी सुविधा के अनुसार अपने नियमित गैस डिस्ट्रीब्यूटर से सिलेंडर ले सकेंगे।
किसे मिलेगा लाभ?
अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली के वे सभी राशन कार्ड धारक जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) की श्रेणी में आते हैं, इस योजना के लिए पात्र होंगे। सरकार का लक्ष्य है कि त्योहार से पहले यह राशि खातों में पहुंच जाए ताकि लोग बिना किसी आर्थिक बोझ के होली मना सकें।
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300 करोड़ का बजट और आगे की तैयारी
कैबिनेट ने फिलहाल इस योजना के पहले चरण यानी 'होली गिफ्ट' के लिए 300 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। भविष्य में दिवाली या अन्य मौकों पर इसे कैसे जारी रखा जाएगा, इसका फैसला स्कीम के फीडबैक और नीतिगत निर्णयों के आधार पर लिया जाएगा। हालांकि, चुनाव घोषणापत्र में किए गए एक अन्य वादे (500 रुपये में सिलेंडर देने) पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।